कलेक्टर मुजीबुर्रहमान खान की अध्यक्षता में जिला खनिज प्रतिष्ठान की कार्यपालिका समिति की बैठक हुई आयोजित

सीधी धर्मेंद : कलेक्टर मुजीबुर्रहमान खान की अध्यक्षता में जिला खनिज प्रतिष्ठान की कार्यपालिका समिति की बैठक का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री खान ने सभी संबंधित विभागों को जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से संबंधित वार्षिक एवं पंचवर्षीय कार्ययोजना के प्रस्ताव एक सप्ताह के अंदर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि प्रस्तावों को भेजते समय उच्च प्राथमिकता एवं अन्य प्राथमिकता के विषयों का ध्यान रखें। ऐसे विषयों का चयन करें जिससे सामुदायिक लाभ मिलें। कलेक्टर ने कहा कि विद्यालयों में शुद्धपेय जल एवं शौचालय जैसे विषयों का चयन किया जाये। इन सुविधाओं के विस्तार से विद्यालयों में बालिकाओं की उपस्थिति पर सकारात्मक परिणाम होंगें। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे उच्च प्राथमिकता वाले विषयों का चयन करें जिन्हे वर्तमान में संचालित योजनाओं या विभागीय बजट के माध्यम से नहीं किया जा सकता है। प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि पूर्ण हो चुके कार्यों की उपयोगिता प्रमाण-पत्र आगामी एक सप्ताह के अन्दर प्रस्तुत करें। उपयोगिता प्रमाण पत्र के साथ कार्य की जियोटैग फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। इसके साथ ही कार्य स्थल पर किये गये कार्य का विवरण अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करायें। जिससे जिला खनिज प्रतिष्ठान का उल्लेख किया जाये। कलेक्टर ने प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा गुणवत्ता का ध्यान रखने के निर्देश दिए है। जिला खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी ने बताया कि खनिज साधन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम 2016 लागू किए गए हैं। प्रतिष्ठान का मुख्य उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास हेतु प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना तथा समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए स्कीमें तथा योजनाएं तैयार किया जाना है। उच्च प्राथमिकता के क्षेत्रों में 60 प्रतिशत निधि का उपयोग किया जाना प्रावधानित है जबकि अन्य प्राथमिकता के क्षेत्र में 40 प्रतिशत का प्रावधान है। उच्च प्राथमिकता में पेयजल प्रदाय, पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण नियंत्रण के उपाय, स्वास्थ्य कल्याण, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध एवं निःशक्तजन कल्याण, कौशल विकास तथा स्वच्छता सम्मिलित है। अन्य प्राथमिकता के क्षेत्रों में भौतिक अवसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा एवं वाटर शेड विकास, खनन क्षेत्रों में पर्यावरण की गुणवत्ता की बढ़ोत्तरी हेतु अन्य कोई उपाय सम्मिलित हैं। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राहुल धोटे, वनमण्डलाधिकारी शितिज कुमार सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।
