शारदीय नवरात्रों के पहले दिन मां नैना देवी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे भक्तजन


शारदीय नवरात्रों के पहले दिन नगर के विश्वविख्यात नैना देवी मंदिर मैं भक्तों ने पूजा-अर्चना के साथ ही सुख समृद्धि की कामना की


नैना देवी मंदिर के पुजारी जी ने बताया कि मंदिर में सुबह से ही भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं उन्होंने बताया कि नवरात्र अपने आप में अद्वितीय है और अद्भुत अलौकिक वत है। क्योंकि अन्य रात्रि एक है शिव रात्रि रामनवमी एक है लेकिन नवरात्रि 9 दिनों के लिए माता अपने भक्तों के लिए दिन मनाए जाते हैं पुजारी जी ने बताया की नवरात्र के 9 दिन मे मां अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए आती है जो जिस प्रकार पूजा अर्चना करता है उसी प्रकार माता उसकी मनोकामना पूर्ण करती है। प्रथम शैलपुत्री द्वितीय ब्रह्मचारिणी तृतीय चंद्रघंटा इनमें से किसी भी दिन कोई भी व्यक्ति जिस देवी की उपासना करता है मां उस रूप में आकर उसकी मनोकामना पूरी करती है शरदीय काल की नवरात्रि विशेष इसलिए मानी जाती है , क्योंकि शरद काल की नवरात्र में मौसम सुंदर और सुहाना रहता है पूजा उपासना करने में मन लगता है माता की उपासना जिस रूप में जो करता है, जो जिस भाव से करता है और उसी रूप में आकर उनके मनोकामना पूर्ण करती है माता का स्वभाव है ,वे अपने बच्चों की रक्षा हर प्रकार से करती है।
इस दौरान मंदिर में भक्तों का ताता सुबह से लगा रहा मां के दर्शन के लिए भक्तों में काफी उत्साह भी देखा गया।
