प्राइवेट विद्यालय के संचालक ट्यूशन फीस के अतिरिक्त कोई अन्य शुल्क अभिभावकों से नहीं ले सकते कहा जिला शिक्षा अधिकारी ने

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सीधी धर्मेंद : कोरोना काल के बाद पूरे देश के साथ ही सीधी जिले में भी शैक्षणिक व्यवस्था ठप पड़ गई थी जिसका खामियाजा अब विद्यालय संचालक और अभिभावकों को भी भोगना पड़ रहा है कोरोना कॉल की वजह से पिछले सत्र के आखिरी समय और 2020.21 सत्र की शैक्षणिक फीस को लेकर प्राइवेट विद्यालय संचालकों और अभिभावकों के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है अभिभावक बिना पढ़ाई के पैसे देने को तैयार नहीं है जबकि प्राइवेट विद्यालय के संचालक फीस लेने के लिए अड़े हुए हैं ऐसे में बहुत से अभिभावक अब विद्यालयों से अपना नाम कटाने और बच्चों की टीसी लेने जाते हैं तो उन्हें विद्यालय संचालकों द्वारा पूरी फीस जमा करने के लिए कहा जाता है लेकिन कोरोना काल की वजह से आर्थिक रूप से परेशान अभिभावक इकट्ठा फीस देने की स्थिति में नहीं है और वह चाहते हैं कि जो पढ़ाई साल भर नहीं हुई है उसकी फीस वे क्यों दें अभिभावकों का कहना है कि सरकार ने उनके बच्चों को पास कर दिया और कोई पढ़ाई भी नहीं हुई और पिछले वर्षों में जो पढ़ाई हुई है जिसके आधार पर सरकार ने बच्चों को पास किया है उसकी वह फीस पहले ही दे चुके हैं ऐसे में अब की उनकी आर्थिक स्थिति उन्हें फीस देने की इजाजत नहीं दे रही है आए दिन इन्हीं सब बातों को लेकर प्राइवेट विद्यालय संचालकों और अभिभावकों के बीच कहासुनी की स्थिति निर्मित हो रही है टीसी ना देने की स्थिति में अभिभावक थाने और एसपी के पास जाते हैं यहां तक कि कलेक्टर के पास भी पहुंच रहे हैं रोज रोज आ रही शिकायतों को देखते हुए जिले के कलेक्टर रविंद्र चौधरी ने 17 अगस्त को जिले भर के प्राइवेट विद्यालय के संचालकों की बैठक बुलाई और बैठक के दौरान उन्होंने विद्यालय के संचालकों की पूरी समस्या और कठिनाई सुनी और सब के सुनने के बाद उन्होंने अभिभावकों का पक्ष भी प्राइवेट विद्यालय के संचालकों के समक्ष रखा और कहा कि विद्यालय ट्यूशन फीस के अतिरिक्त कोई अन्य शुल्क अभिभावकों से नहीं ले सकते बैठक में विद्यालय के संचालक कलेक्टर से ट्यूशन फीस देने के लिए आदेश जारी करने की मांग करते रहे जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी नवल सिंह ने बताया कि शासन स्तर से 2019 20 के बाद ट्यूशन फीस लेने के लिए 2020.21 सत्र के लिए कोई नया आदेश नहीं आया है ऐसे में पिछले आदेश को ही मानने की बात कही जा रही है सारी समस्याओं पर चर्चा करने के बाद बैठक खत्म हो गई लेकिन बैठक से कोई ठोस नतीजा निकल कर सामने नहीं आया है। एन टीवी इंडिया न्यूज़ ने जिला शिक्षा अधिकारी नवल सिंह से प्राइवेट विद्यालय संचालकों अभिभावकों के बीच फीस को लेकर आए दिन होने वाले विवादों को लेकर चर्चा की गई जिस पर उन्होंने बताया कि विद्यालय संचालक बहन की फीस भी लेना चाह रहे हैं लेकिन कोई भी अभिभावक फीस नहीं दे रहा है और शासन स्तर से भी वाहन शुल्क लेने के लिए कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं जिला शिक्षा अधिकारी ने एन टीवी इंडिया न्यूज़ के पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कि जब बच्चों को पढ़ाया ही नहीं किया तो वह किस किस बात की लेना चाह रहे हैं।

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