बेरोजगारी को लेकर पुलिस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच हुई नूरा कुश्ती कांग्रेस कार्यकर्ताओ की हुई गिरफ्तारी

सीधी धर्मेंद : पूरे मध्यप्रदेश में बढ़ रही बेरोजगारी को लेकर 5 अप्रैल को सीधी जिला मुख्यालय में एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आगर मालवा के विधायक विपिन वानखेड़े के मुख्य आतिथ्य में नौकरी दो या डिग्री वापस लो कि मिशन को लेकर आंदोलन और जिला कलेक्ट्रेट के घेराव का कार्यक्रम निर्धारित था 2 का कार्यक्रम था लेकिन सिंगरौली से वापस आने में देर होने की वजह से एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विपिन वानखेड़े 2 घंटे की देरी से जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचे जहां पर पहले कांग्रेस एनएसयूआई के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। स्वागत के बाद एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा ने प्रदेश अध्यक्ष को जिले के बेरोजगारों की पीड़ा बताई। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एनएसयूआई के विधायक विपिन वानखेड़े ने कहा कि विधायकों को खरीद कर बनाई सरकार ने बेरोजगारों के सपनों को चूरचूर कर दिया है। कार्यक्रम के बाद एन टीवी इंडिया न्यूज़ ने एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विपिन वानखेड़े से बेरोजगारों की बेरोजगारी को लेकर तीखे सवाल किए जिसके जवाब देते हुए उन्होंने बेरोजगारी की दुर्दशा के लिए शिवराज और मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहरा दिया। कांग्रेस कार्यालय से निकलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और विपिन वानखेड़े के पास 20 मिनट से भी कम का समय था और वह पैदल ही घेराव करने निकल पड़े लेकिन पुलिस अस्पताल चौक में इस धरना प्रदर्शन कार्यक्रम की स्क्रिप्ट पहले से ही बना कर रखी हुई थी जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे पुलिस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच नूरा कुश्ती शुरू हो गई इस दौरान वेरीकेट भी टूट गए और कांग्रेसियों की आराम से गिरफ्तारी भी हो गई जिसके बाद दोनों ही पक्ष के कर्तव्य पूरे हो गए। जिला मुख्यालय में बेरोजगारों के लिए किए गए आंदोलन प्रदर्शन में लोगों का ध्यान खींचा तो जरूर है लेकिन यह प्रदर्शन इतना कारगर भी नहीं दिखा कि बेरोजगारों की समस्या हल हो जाए बेरोजगारों को अपनी समस्या ईश्वर और भाग्य के भरोसे छोड़ देनी चाहिए क्योंकि नौकरी डिग्री के बाद भी मिल नहीं रही है और छोकरी नौकरी ना होने की वजह से इसलिए अब बेरोजगारों को अपने भाग्य और ईश्वर पर ही भरोसा रखना चाहिए।
