मातृ मृत्यु दर में कमी लाने अनूठी पहल का दिखा असर विगत 2 माह में जिले में एक भी मृत्यु एनीमिया के कारण नहीं हुई

सीधी धर्मेंद : मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. एल. मिश्रा के द्वारा जानकारी दी गई कि कलेक्टर रवींद्र कुमार चैधरी के निर्देशन में सीधी जिले में मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु को नियंत्रित करने के लिए जिले में नवाचार एवं आवश्यक सुविधाओं के लिए की गई पहल में 21 नवंबर को 2000 और 4 फरवरी को 4000 गर्भवती रक्त अल्पता वाली महिलाओं को आयरन सुक्रोज चढ़ाया गया था। इस पहल से मातृ मृत्यु को कम करने में बड़ा ही उत्तम परिणाम प्राप्त हुआ है। विगत 2 माह में जिले में एक भी मृत्यु एनीमिया के कारण नहीं हुई है। इस पहल को निरंतर करते हुए 24 मार्च को एनीमिया को दूर करने के लिए अभियान के रूप में समस्त चिन्हित एनेमिक गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज की खुराक जिला अस्पताल, समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर प्रत्येक के मान से क्रमशः 120,80,60,20 का लक्ष्य आवंटित करते हुए जिले में समस्त एनेमिक गर्भवती महिलाओं को एक साथ आयरन सुक्रोज चढ़ाया जाना सुनिश्चित किया गया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए समस्त मैदानी कार्यकर्ता, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं ए एन एम, आशा सहयोगी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सेक्टर सुपरवाइजर अपने-अपने सेक्टर में कार्य का अवलोकन एवं निरीक्षण करते हुए सहयोग प्रदान करेंगे और प्रत्येक एच डब्लू सी पर 20, पी एच सी पर 60 एवं सी एच सी पर 80 तथा जिला अस्पताल पर 120 गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज लगवाने के लिए उचित व्यवस्था बनायेगे। सभी जनमानस एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिश्रा ने अपील की है कि मातृ मृत्यु का सबसे बड़ा कारण खून की कमी अर्थात एनीमिया का होना है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करें।
