बकाया फीस पर किसी भी विद्यार्थी को कक्षाओं में भाग लेने से नहीं रोकेगें छह समान किस्तों में ली जा सकेगी फीस

0 260
Main Ad1

सीधी धर्मेंद : जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र ने जानकारी देकर बताया है कि मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पालकों द्वारा गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों की फीस के भुगतान के सम्बन्ध में तथा पालकों से जबरन फीस की वसूली सम्बन्धी शिकायतों पर कार्यवाही करते हुए निर्देश प्रसारित किया गया है। उन्होने बताया कि निजी विद्यालय प्रबंधन शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए तथा इसके साथ-साथ शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए विभागीय परिपत्रों द्वारा नियत की गई फीस छात्रों/अभिभावकों से एकत्र कर सकेंगे । उक्त फीस छह समान किस्तों में ली जा सकेगी जो 05.03.2021 से प्रारंभ की जाकर 05.08.2021 को समाप्त होगी। निजी विद्यालय प्रबंधन ऊपर दिये अनुसार बकाया एरियर्स/लम्बित फीस की किस्त के भुगतान न किए जाने के आधार पर किसी भी विद्यार्थी को ऑनलाइन क्लास अथवा विद्यालय में भौतिक रूप से संचालित कक्षाओं में भाग लेने से नहीं रोकेगें। इस आधार पर उक्त विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम को भी नहीं रोका जा सकेगा। भुगतान आदेश के सन्दर्भ में यदि किन्हीं अभिभावकों को फीस के भुगतान मे कठिनाई हो रही है तो ऐसे अभिभावकों को यह छूट होगी कि वे अपनी कठिनाई के सम्बन्ध में अपना व्यक्तिगत अभ्यावेदन सम्बन्धित स्कूल को प्रस्तुत कर सकेगे। विद्यालय प्रबंधन द्वारा उक्त अभ्यावेदन को सहानुभूतिपूर्वक विचारण में लिया जाकर प्रकरणवार निराकरण किया जाएगा। व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2021-22 की फीस संग्रहण प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करेगी। इस सत्र 2020-21 हेतु विद्यालय प्रबंधन द्वारा यथा सूचित एवं नियत की गई फीस को अभिभावकों द्वारा देय समय अनुसार भुगतान किया जाना होगा। अभिभावकों/छात्रों द्वारा शुल्क भुगतान न करने के आधार पर अथवा बकाया होने के आधार पर वर्ष 2021 की आगामी कक्षा 9वीं से 12वीं की परीक्षा में भाग लेने हेतु किसी भी विद्यार्थी को वंचित नहीं किया जाएगा। बकाया शुल्क के भुगतान के लिए सम्बन्धित अभिभावक/छात्र से अण्डरटेकिंग ली जाकर उन्हें परीक्षा में सम्मिलित किया जाए। उक्त निर्देश समस्त सीबीएसई, आईसीएसई, म.प्र.माध्यमिक शिक्षा मण्डल एवं अन्य बोर्ड से सम्बद्ध गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों पर समान रूप से लागू होंगे। अशासकीय विद्यालयों द्वारा उपर्युक्त निर्देशों के उल्लंघन की स्थिति अथवा पालकों से जबरन फीस की वसूली इत्यादि सम्बन्धी शिकायत प्राप्त होने पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

News TOP Footer