किसानों की जमीन छीननेकी साजिश है तीनों कृषि कानून.कहा उमेश तिवारी ने

सीधी धर्मेंद : किसान विरोधी कानूनों से आने वाले दिनों में होने वाले नुकसान की जानकारी तथा इन किसान विरोधी कानूनों को समाप्त करने हेतु संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किए जा रहे आंदोलन की जानकारी एवं आंदोलन से जुड़ने हेतु संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा ग्राम धनहा में किसान पंचायत का आयोजन किया गया। किसान पंचायत को संबोधित करते हुए किसान पंचायत के मुख्य अतिथि तथा टोंको.रोंको.ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने कहा कि जिन किसानों ने वोट देकर मोदी सरकार बनाई उन्ही किसानों से विश्वासघात करके लॉकडाउन के दरमियान जब सब कुछ बन्द था चोरी छिपे अपने उद्योगपति मित्रों के मुनाफे के लिए जिन्होंने चुनाव में मोदी जी के विज्ञापनबाजी में हजारों करोड़ रुपये लगाए थे उन धन पिशाचों की अकूत पूंजी को उड़ान देने की नियत में मोदी जी ने यह तीनों किसान विरोधी काले कानून बनाये है। मोदी जी के नोटबन्दी लाकड़ाउन जैसे नासमझी के फैसलों के चलते तवाही के हालात बन गए है वर्त्तमान में कोई ऐसा क्षेत्र नहीं बचा है जंहा पूंजी लगाई जा सके पूंजीपतियों की कमाई की चिता से मोदी जी चिंतित होकर यह तीनों किसान विरोधी कानूनों को बनाये है। किसान पंचायत की अध्यक्षता कर रहे भारतीय किसान यूनियन रीवा संभाग के अध्यक्ष उमेश पटेल ने कहा कि मोदी सरकार सिर्फ आपस मे लड़ाने का काम और उद्योगपतियों के हित का काम कर रही है। किसान पंचायत को मुकेश कुशवाहा सतना विश्राम यादव गजेंद्र सिंह भारत शरण बैश लालजी बैस बलराज सिंह शिव कुमार सिंह विनोद सिंह गजेंद्र सिंह कधवार बुद्धसेन बैस आदी ने संबोधित किया। किसान पंचायत में खड्डी 42 क्षेत्र के कई गांवों के किसान एवं किसानी से जुड़े मजदूर उपस्थित रहे।
