उपनी में आयोजित ग्राम सभा की बैठक से सरपंच के नदारत रहने से नाराज हुए ग्रामीण

सीधी धर्मेंद : 5 फरवरी को जनपद पंचायत सीधी अंतर्गत ग्राम पंचायत उपनी में आयोजित ग्राम सभा की बैठक से सरपंच के नदारत रहने से ग्रामीण खासे नाराज हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच जान बूझकर बैठक में शामिल नहीं होना चाह रही हैं ग्रामसभा की बैठक न होने से ग्रामीण का कार्य नहीं हो पा रहा है और सरपंच मनमानी कार्य कर रही है। बताया गया कि ग्राम पंचायत उपनी में शासन के निर्देशानुसार 21 जनवरी २०२१ को पंचायत भवन में ग्राम सभा का आयोजन किया गया था किन्तु कार्यवाही पूर्ण होने के बाद भी सरपंच द्वारा रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं किया गया और ग्रामसभा निरस्त कर दी गई। जिसको लेकर ग्राम पंचायत की प्रभारी सचिव एवं रोजगार सहायक द्वारा दूसरी बैठक के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद सीधी एवं सरपंच को पत्र लिखकर अवगत कराया गया एवं अगली बैठक 5 फरवरी को निश्चित की गई। निर्धारित तिथि आज शुक्रवार को ग्राम पंचायत भवन में बैठक आयोजित की गई लेकिन बैठक में गांव की सरपंच शामिल नहीं हुईं। घंटो इंतजार करने के बाद भी सरपंच पंचायत भवन नहीं पहुंची। जिससे वहां मौजूद ग्रामीण खासे नाराज हुए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच द्वारा मनमानी कार्य किया जा रहा है। मनमानी तरीके से कार्य करने के कारण हितग्राही परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया की मनमानी कार्य करने के कारण ही ग्राम पंचायत में सचिव रहे अशोक सिंह परिहार का सचिवीय प्रभार छिन गया था और उन्हे जनपद में अटैच कर दिया गया था। ग्राम पंचायत में महिला सरपंच हैं लेकिन पूरा कार्य पति द्वारा किया जाता है। आरोप लगाया गया है कि पंचायत भवन के सामने बाउण्ड्री बाल का निर्माण माइनर नहर में करा दी गई है जिससे माइनर नहर छतिग्रस्त हो गई है। कार्य को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा रोका भी गया था किन्तु सरपंचए सचिव पर इस रोक का कोई असर नहीं हुआ। बोल्डर चेकडैम का निर्माण वन विभाग की भूमि में करते हुए राशि भी आहरित कर ली गई है। इस कार्य में भी वन विभाग द्वारा रोक लगाई गई थी लेकिन सरपंच.सचिव पर इसका कोई असर नहीं हुआ है। फर्जी लोगों का विकलांग पेंशन में नाम जोड़कर उन्हे पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। विवादित पहुंच मार्ग वन खंड कूड़ी के कक्ष क्रमांक १००७ अंतर्गत पुलिया निर्माण का कार्य कराया गया है जिसमें वन विभाग द्वारा आपत्ति की गई थी। स्थिति यह है कि ग्राम पंचायत में हितग्राही मूलक कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की रुचि नहीं ली जा रही है। जिससे ग्राम पंचायत का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है साथ ही ग्रामीण भी लाभ से वंचित हो रहे हैं। बैठक के दौरान ग्राम पंचायत के सभी पंच और काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे हैं। पंच जीतेन्द्र नारायण सिंह द्वारा आरोप लगाया गया है कि सरपंच मनमानी तरीके से कार्य कर रहे हंै। पंचायत में सचिव रहे अशोक सिंह परिहार को अनियमितता के चलते उन्हे जनपद में अटैच कर दिया गया है और उनकी जगह सचिवीय प्रभार रोजगार सहायक प्रतिभा सिंह को दिया गया है किन्तु सरपंच इस आदेश को ना मानते हुए अपने तरीके से कार्य कर रही हैं ऐसी स्थिति में गांव के लोगों का भला नहीं हो पा रहा है इतना ही नहीं सरपंच पति द्वारा अनावश्यक शिकायत भी की जाती है।
