प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर बीमित कृषकों को क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराके वित्तीय समर्थन प्रदान करना है बताया उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने

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कृतिका सीधी :

उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने जानकारी देकर बताया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर बीमित कृषकों को क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराके वित्तीय समर्थन प्रदान करना है, ताकि कृषक कृषि व्यवसाय में बने रहते हुये उन्नत तकनीकी का उपयोग एवं टिकाऊ नवीन/अभिनव कृषि हेतु प्रोत्साहित हों। रबी फसलों के लिये बीमा करें एवं प्रीमियम जमा करने की समय सीमा अक्टूबर से 31 दिसम्बर 2020 तक है। रबी में समस्त अनाज तिलहन व दलहन के लिये बीमित राशि का 50 प्रतिशत राशि कृषक द्वारा देय होगी गेहू सिचित हेतु प्रति हेक्टेयर प्रीमियम 676 रूपये, गेहूॅ असिचित के लिए 466 रूपये, चना में 449 रूपये, राई सरसों में 469 रूपये, अलसी में 409 रूपये, मसूर 427 रूपये कृषक अपनी रबी फसलों का बीमा करा सकते है। उन्होने बताया कि पात्र कृषक अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसले उगाने वाले बटाईदारों एवं काश्तकारों सहित सभी किसान अपनी फसलों का बीमा कराने हेतु पात्र है, अ़ऋणी कृषक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा बैंक, लोक सेवा केन्द्र एवं कार्यरत बीमा कंपनी के अधिकृत एजेण्ट एवं कामन सर्विस सेन्टर के माध्यम से करवा सकते है। कृषकों हेतु आवश्यक दस्तावेज फसल बीमा प्रस्ताव फार्म, आधार कार्ड, पहचान पत्र-शासन द्वारा मान्य दस्तावेज जैसे वोटर कार्ड, राशन कार्ड, पेन कार्ड, आधार कार्ड, समग्र आई.डी. ड्रायविंग लायसेंस इत्यादि, भू-अधिकार पुस्तिका, बुआई प्रमाण पत्र पटवारी या ग्राम पंचायत सचिव द्वारा जारी (समस्त ऋणी एवं अऋणी कृषकों हेतु आधार कार्ड अनिवार्य है तथा मोबाइल नं. वांछित है।) स्वैच्छिक बीमा जो ऋणी कृषक भाई अपनी फसलों का बीमा नहीं कराना चाहते हो बीमांकन अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2020 से 7 दिवस पूर्व तक निर्धारित आवेदन संबंधित बैंक जमाकर प्रीमियम राशि की कटौती से बच सकते हैं।

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