यूपी की चिटफंड कंपनी लोगों का करोड़ों रुपए लेकर भागी

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तकरीबन ढाई करोड़ रुपए के इन्वेस्टमेंट को लेकर भागने का आरोप

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【आर.बी.सिंह राज】

अमिलिया क्षेत्र में चिटफंड कंपनी की धोखाधड़ी का कई लोग शिकार हुए हैं, चाहे वो व्यापारी हो या फिर चाहे भोले भाले ग्रामीण।
मिली जानकारी के अनुसार फरियादी मोहम्मद असलम शाह पिता बासिर अहमद शाह 39 वर्ष निवासी दरामनगंज जिला मिर्जापुर हाल ग्राम अमिलिया द्वारा थाना अमिलिया में जानकारी दी गई कि अमिलिया क्षेत्र में छोटे व्यापारी बड़े व्यापारी के साथ-साथ ग्रामीण अपनी छोटी-छोटी जमा पूंजी पशुधन कंपनी में जमा कर रहे थे और कई बार इनका भुगतान भी हो चुका था लेकिन बीच में इस कंपनी द्वारा सारा कारोबार बंद कर करोड़ों रुपए लेकर रफूचक्कर हो गई। जिस पर थाना प्रभारी अमिलिया द्वारा कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार बताया गया है कि विगत वर्ष 2013 में पशुधन लाइव स्टॉक एंड मार्केटिंग इंडिया लिमिटेड नामक की कंपनी की तरफ से शत्रुघ्न प्रसाद दुबे निवासी तिलियानी पोस्ट विरौरा जिला मिर्जापुर, डॉक्टर असिन्दर सिंह निवासी बिहसड़ा थाना जिगना जिला मिर्जापुर, रामदेव बिंद निवासी सिकरा जिला मिर्जापुर, रमेश बिंद निवासी कुसहा जिला मिर्जापुर, किशोरी लाल पटेल निवासी साड़ीउमान जिला प्रयागराज, शिवाजी गुप्ता पिता राजकुमार गुप्ता निवासी रोहिनी दिल्ली से ग्राम अमिलिया आए जिन्होंने उक्त कंपनी के नाम पर ग्राम अमिलिया के इंद्र बहादुर सिंह चंदेल के घर पर ऑफिस खोला था। उक्त सभी लोगों ने क्षेत्र के आसपास के लोगों से उनकी कंपनी में पैसा जमा करने को कहा, कंपनी द्वारा लोगों को गुमराह किया गया कि उनकी कंपनी 6 साल में पैसा दुगना कर वापस लौटा देगी जिनकी बातों में आकर फरियादी व आसपास के लोगों ने उक्त पशुधन लाइन स्टॉक एंड मार्केटिंग इंडिया लिमिटेड नाम की कंपनी में जमा पैसा लगा दिया। वर्ष 2017 में कंपनी ने अपना नाम बदलकर पशुपति मिच्युल बेनिफिट निधि लिमिटेड रख लिया तथा ग्राम अमिलिया में स्थित ऑफिस को बंदकर दिया। बंद होने का कारण कस्टमर कम होना बताया गया।
वर्ष 2017 से उक्त कंपनी लालगंज जिला मिर्जापुर में अपना ऑफिस चलाती रही लेकिन लालगंज स्थित ऑफिस में भी वर्ष 2019 के दिसंबर में बंद कर दिया गया। उक्त कंपनी के सभी कर्मचारी अधिकारी वर्तमान में लापता हैं।
उक्त कंपनी में सभी कर्मचारी अधिकारी लोगों का पैसा लेकर भाग गए जिसकी शिकायत पर 6 लोगों के विरुद्ध थाना अमिलिया में अपराध क्रमांक 322/2020 धारा 420, 465, 467, 468 ता .हि.म.प्र. निक्षेपको का संरक्षण अधिनियम की धारा 6 (क) दिनांक 20/8/2020 को कायम कर विवेचना में लिया गया है। वहीं विवेचना के दौरान प्रभारी को यह भी मालूम हुआ कि अमिलिया बाजार के लगभग कई व्यापारी छोटे व बड़े मिलाकर इस कंपनी में अपना निवेश किए थे जिसकी निवेश की गई राशि लगभग ढाई करोड़ के आसपास बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक फिलहाल अभी कुछ ही लोगों द्वारा इस मामले की जानकारी दी गई है जल्दी और लोग भी अपनी शिकायत लेकर प्रभारी के पास पहुंचने की संभावनाएं हैं। क्योंकि एजेंट के द्वारा लगातार आश्वासन दिया जा रहा था कि जल्द ही उनके पैसे लौटा दिए जाएंगे परंतु कई महीने बीत जाने के बाद भी पैसे हाथ ना लगने पर निवेशक अपने आप को ठगा महसूस करने लगे।
अब देखना दिलचस्प होगा कि करोड़ों का घोटाला करने वाले फर्जी कंपनी तक पुलिस कब तक पहुंच पाती है। और क्या गरीब ग्रामीणों का पैसा उनको मिल पाएगा यह तो देखने का विषय होगा।
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