पूर्व मंत्री पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि जनादेश पर डाका डालने वाली सरकार में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भूल गये हैं कि वे पिछले पन्द्रह सालों से एक समान बातें बार बार दोहराते आ रहे हैं और किया कुछ नहीं।
पटेल ने कहा कि अब 15 सालों तक दूसरे प्रदेश के लोगों को प्रदेश में नौकरियां देते रहे और अब अचानक कहने लगे कि प्रदेश के लोगों को ही सरकारी नौकरी मिलेगी। पिछले 15 सालों से उन्हें नहीं दिखा कि गैर कानूनी रूप से आदिवासी क्षेत्रों में साहूकार बिना लाइसेंस के आदिवासी बंधुओं से भारी सूद वसूल रहे थे। अब कह रहे हैं कि उन्हें मुक्ति दिलायेंगे।
पूर्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री को तो यह भी नहीं मालूम कि कितने साहूकार बिना लाइसेंस के काम कर रहे हैं और कितने आदिवासी भाई बहन कर्ज के जाल में फंसे हैं। यदि हिम्मत हो तो लोगों को बतायें और उन पर कार्रवाई करें। जब कमलनाथ सरकार ने यही काम शुरू किया था तो इसका सबसे पहले विरोध शिवराज सिंह चौहान और पूरी भाजपा ने किया था। यहां तक कि साहूकारों के दबाव में कानून भी नहीं बनने दिया।
पटेल ने कहा कि नकल करने के लिये भी अक्ल की जरूरत होती है। उन्होने कहा कि पिछले पन्द्रह सालों में मध्यप्रदेश के लोगों को विकास के झूठे दावे और झूठे आंकडे देकर छलने का काम किया। इसलिये जनता ने अस्वीकार कर दिया था। फिर अनैतिक तरीकों से सरकार बनाई और फिर झूठ बोलने के काम में लग गये। उन्होने लोगों को सावधान किया कि अनैतिक लोग कभी सच नहीं बोल सकते। वे सिर्फ बातों की दुकान सजा सकते हैं।