जिले के थाना रामपुर नैकिन में विगत दिनों आग से जलने से हुई मृत्यृ पर पुलिस ने पीएम रिपोर्ट के आधार पर आत्महत्या का प्रकरण दर्ज कर आरोपियों के विरूद्ध दहेज का प्रकरण दर्ज कर जेल दिया है।
एसडीओपी चुरहट पर उक्त प्रकरण में निर्दोषों को आरोपी बनाने के साथ-साथ मीडिया कर्मियों से अपनी पुरानी खुन्नस निकालने के लगे आरोपों को देखते हुये पुलिस अधीक्षक ने उक्त प्रकरण की विवेचना कर रहे एसडीओपी चुरहट चंद्रगुप्त द्विवेदी को हटाकर, एसडीओपी कुसमी अभिनव बारंगे को नया विवेचना अधिकारी बनाया है। कल सोमवार को मृतक के पिता एवं चाचा ने मीडिया से चर्चा करते हुये बताया कि मेरे दमाद एवं समधी ने मेरी लडक़ी की हत्या कर आत्महत्या बनाने की कोशिश की है। उन पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिये।
मृतक रूपा तिवारी के चाचा अंबिका शुक्ला ने बताया कि 15 जुलाई को मेरी भतीजी रूपा तिवारी की उसके पति राघवेन्द्र तिवारी पिता अनिल तिवारी एवं ससुर अनिल तिवारी पिता स्वीमीदीन तिवारी के द्वारा हत्या कर उसकी लाश पर मिट्टी का तेल डालकर जलाया गया और आत्महत्या साबित करने का प्रयास किया गया। अनिल तिवारी ने मेरे भाई को 15 जुलाई को लगभग 11 बजे ने फोन पर सूचना दी की आपकी लडक़ी ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली है। मेरे भाई मूलचंन्द्र शुक्ला उस समय गुजरात में थे तो हमें फोन कर सारी घटना बताई तो मैं अपने परिजनो के साथ अमिलई पहुंचा और रूपा तिवारी की लास देखी तो दंग रह गये। मृतक की जीभ बाहर निकली थी,उसके नाक से खून टपक रहा था और उसके सिर के बाल एवं पीठ जली हुई नहीं थी। लाश को देख कर स्पष्ट प्रतीत होता था कि हत्या कर लास को जलाया गया और आत्महत्या साबित करने का प्रयास किया गया।
अंबिका शुक्ला ने बताया कि 18 जुलाई को मेरे भाई गुजरात से लौटे तो मैं उनको लेकर रिपोर्ट लिखाने रामपुर नैकिन थाना गया तो थाना प्रभारी ने कहा कि आपके प्रकरण की जांच एसडीओपी चुरहट कर रहें हैं तो उन्ही के पास जाइये। तब मैं चुरहट एसडीओपी के पास गया और रिपोर्ट लिखाने के लिए आवेदन दिया किन्तु उन्होंने कहा कि मैं अभी आपका आवेदन नहीं लूंगा, आप लोगों को जो कहना है अपना बयान दर्ज करा दो। जिस पर मैं और मेरे भाई,भाभी ने अपना बयान दर्ज करा दिया पर जब एसडीओपी से अपने बयान का कापी मांगी तो उन्होंने कहा कि एफआईआर के साथ दे दी जायेगी।
श्री शुक्ला ने बताया कि 30 जुलाई को एसडीओपी कार्यालय से फोन गया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है आप लोग आ जाइये और जब हम लोग चुरहट एसडीओपी के पास गये तो उनके द्वारा एफआईआर की नकल और पीएम रिपोर्ट की कापी दी गई और जब उनके अपने बयान की कापी चाही गई तो उन्होंने कहा की आपको बयान की कापी न्यायालय से मिलेगी।
अंबिका शुक्ला ने बताया कि आरोपी राघवेन्द्र उर्फ सोनू तिवारी पिता अनिल तिवारी, ससुर अनिल तिवारी पिता स्वामीदीन निवासी ग्राम अमिलई,थाना रामपुर नैकिन के विरूद्ध दिनांक 29 जुलाई को अपराध क्रमांक 467/2020 धारा 498ए, 304बी, 34 ता.हि.3/4 दहेज प्रति.अधि. के तहत प्रकरण पंजीवद्ध किया गया। एफआईआर में हम लोगों ने जो हत्या का आरोप लगाया था उस बात का कोई उल्लेख नहीं किया गया। जबकि मैं और मेरे भाई ने एसडीओपी चुरहट के समक्ष यह बयान दिया था कि मेरे दमाद राघवेन्द्र तिवारी एवं समधी अनिल तिवारी शादी होने के एक वर्ष बाद ही मुझसे 3 तोला सोना, एक पल्सर गाड़ी और एक लाख रूपये की मांग की जाती रही है और कहा जाता रहा है कि अगर यह सब तुम लोग नही दोगे तो तुम्हारी लडक़ी को मार डालूंगा। दहेज न देने के कारण मेरी लडक़ी को राघवेन्द्र तिवारी और अनिल तिवारी कई वर्षों से प्रताडि़त करते रहे हैं और 15 जुलाई को दोनों ने मिलकर मेरी लडक़ी की हत्या कर दी और लाश में आग लगाकर, आत्महत्या साबित करने का प्रयास किया गया।
अखिलेश पाण्डेय का इस केस से कोई वास्ता नहीं: मूलचंद्र
मृतक रूपा तिवारी के पिता मूलचंद्र शुक्ला पिता वंशरूप शुक्ला ने मीडिया से चर्चा करते हुये बताया कि 31 जुलाई को जो मैंने पुलिस अधीक्षक सीधी को शपथ पत्र के साथ आवेदन दिया था। वह अनजाने में कुछ लोगों के द्वारा कहा-सुनी के कारण दे दिया था। जबकि इस प्रकरण में अखिलेश पाण्डेय का कोई वास्ता नहीं है। मैं उनको जानता तक नहीं था किन्तु जब हमें इस बात की जानकारी हुई कि अखिलेश पाण्डेय का मेरे केस से कोई लेना देना नहीं है तो मैंने आज सोमवार को इस आशय का शपथ पत्र लिखकर पुलिस अधीक्षक सीधी को दिया और कहा कि मेरे इस प्रकरण में उनका कोई वास्ता नहीं हैं। मेरे प्रकरण में सिर्फ दो ही व्यक्ति राघवेन्द्र एवं अनिल तिवारी ही दोषी हैं।