चिकित्सकों और चिकित्सा स्टाफ ने ठाना है कि हर हाल में कोरोना को हराना है


कृतिका सीधी :
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल. मिश्रा ने कहा कि कोरोना जैसी बीमारी का नाम सुनते ही जहां लोगों के पांव अपने आप ही पीछे हो जाते है। ऐसी स्थिति में जिले में कार्यरत चिकित्सकों और चिकित्सा स्टाफ ने ठाना है कि हर हाल में कोरोना को हराना है। कोरोना से जंग में सीधी जिले के ये योद्धा हर संभव प्रयास कर रहे है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिश्रा ने बताया कि चिकित्सक और चिकित्सा स्टाफ बिना थके और रुके अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जिले में फीवर क्लीनिक बनाए गए हैं, आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। संदिग्धों के लिए अलग से कमरे में ओ.पी.डी. कमरे की व्यवस्था की गई है, जिसमें सर्दी, खांसी, जुकाम के रोगी की जांच और उपचार किया जाता है। इसके बाद कोरोना सेम्पल लिये जाते हैं। अभी तक 10436 सेम्पल लिए जा चुके हैं। सेम्पल लेने के दौरान चिकित्सक के साथ कोरोना को हराने की इस जंग में उनका स्टाफ भी मौजूद रहता है। उन्होने कहा कि उनका स्टाफ भी इस जंग में उनके बराबर भागीदारी निभा रहा है। चिकित्सक जहां अपने परिवार से दूरी बनाकर रख रहे हैं वही अन्य लोगों से भी बहुत आवश्यक होने पर पूरी एहतियात बरतते हुए सोशल डिस्टेंस की पालन कर ही बातचीत करते हैं। ताकि किसी प्रकार के संक्रमण की आशंका नहीं रहे। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारी कर रखी है। स्वास्थ्य कर्मचारी भी हमेशा सेवा देने के लिए लगे हुए हैं। लोगो को चाहिए कि शारीरिक दूरी का पालन करें। कोरोना बीमारी का उपचार संभव है, घबराए नही। बाहरी व्यक्ति के जिले में प्रवेश करते ही प्रशासन को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते इसके रोकथाम के प्रयास किए जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिश्रा ने बताया कि पॉजिटिव मरीज घर से आते समय जरूरत के सामान लेकर आए जैसे साबुन, ब्रश, टूथ पेस्ट सहित अन्य जरूरी सामान वैसे तो विभाग से किट दिए जा रहे हैं लेकिन मरीज यदि खुद सामान लेकर आएगे तो उनके लिए अधिक सहूलियत होगी। पहले मरीजों को जल्दबाजी में विभाग की टीम लेकर आ जाती थी लेकिन अब मरीजों को समय दिया जा रहा है। ऐसे में वे कम से कम 10 दिन के लिए अपनी जरूरत की चीजों को ले आ सकते हैं। इसके अलावा अगर लिखने पढ़ने का शौक हैं तो अपनी मनपसंद पाठ्य सामग्री और रायटिंग पैड, डायरी लेकर आ सकते है। ताकि खाली समय अच्छे से व्यतीत हो जाए। संकट के इस दौर में भी डॉक्टर, पुलिसकर्मी, दुकानदार, सफाई कर्मचारी, पत्रकार और अखबार विक्रेता अपनी जान की परवाह न करते हुए तमाम जोखिमों के बीच मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसे कोरोना वारियर्स के इस जज्बे को सम्मान देते हुए उन्हे हमारी टीम सैल्यूट करती है।

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