अब तक एस मेंस से 7 लोग और एक पाजटिव कर्मचारी की पत्नी भी कोरोना पाजटिव निकली

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Kritik सीधी :

सीधी जिले के साथ.साथ सीधी शहर में कोरोना बीमारी के मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है जिसको लेकर अब शहर के लोगों में घबराहट फैलने लगी है सीधी शहर में कोरोना के फैलाव में कपड़े की दुकान एस मेंस का बहुत बड़ा रोल निकल गया अब तक एस मेंस से 7 लोग और एक पाजटिव कर्मचारी की पत्नी भी कोरोना पाजटिव निकल चुकी है इन सब को देखते हुए जिला प्रशासन ने 13 जुलाई से 18 जुलाई तक यश मेंस शॉप में 13 जुलाई से 18 जुलाई तक कपड़े खरीदने वाले सभी उपभोक्ताओं से कंट्रोल रूम को सूचित करके अपनी जांच कराने के लिए ऐलान कराया है जिससे संक्रमण से बचाव किया जा सके इसी बीच सीधी जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल. मिश्रा ने बताया कि दिनांक 24.07.2020 को जिले में एक नया कोरोना पॉजिटिव केस पाया गया है। ये 31 वर्षीय महिला हैं, जो पूर्व में दिनांक 22.07.2020 को यश मेन्स में कार्यरत एवं वार्ड न०-4 से आए पॉजिटिव केस के संबंधी हैं तथा घरेलू संपर्कियों में से एक है। 22 जुलाई को इनका सेम्पल किया गया था इनके परिवार के दूसरे सदस्यों की रिपोर्ट अभी निगेटिव प्राप्त हुई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अभी तक जिले में कुल 64 केस पॉजिटिव पाए गए हैं, वर्तमान में 24 एक्टिव केस भर्ती हैं और 39 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। जिले में अभी तक कुल 25 कंटेनमेंट एरिया एक्टिव हैं। आगे उन्होंने बताया की सीधी शहर के रेडीमेड कपड़ो के व्यवसायिक प्रतिष्ठान यश मेन्स में कार्यरत कुल 7 लोग अभी तक कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। अतः उक्त प्रतिष्ठान में खरीदी हेतु गए ग्राहकों में भी संक्रमण होने के खतरे को देखते हुए प्रशासन द्वारा आमजनों को सूचित किया गया है कि यश मेन्स में दिनांक 13 से 18 जुलाई 2020 तक जो ग्राहक खरीदी करते हुए संपर्क में आए हैं, वे जिला कंट्रोल रूम स्वास्थ्य विभाग सीधी के दूरभाष क्रमांक 07822297521 में अपनी तत्काल सूचना देने का कष्ट करें ताकि समय रहते संक्रमण रोकथाम के लिए उचित प्रयास किए जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिश्रा ने यह भी बताया कि मॉरिसन स्कूल के पास एक व्यक्ति द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए दवा प्रदान करने की सूचना प्राप्त हुई थी। जिसकी जांच के लिए चिकित्सा अधिकारी एवं खाद्य निरिक्षक की टीम भेज कर वस्तु स्थिती की जांच कराई गई। जांच दल द्वारा दी गई जानकारी अनुसार उक्त व्यक्ति के द्वारा ऐसी कोई दवा नही दी जाती है। वे स्वयं कई वर्षों से शारीरिक रूप से विकलांग है और जो दवाएं यहां उपलब्ध है वो स्वयं के उपचार में उपयोग करते हैं। उनकी गलत शिकायत की गई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि इस संदर्भ में जन-मानस के लिए यह संदेश है कि कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए इस तरह के उपचार या दवा देने वाले के झांसे में न आए इनकी विश्वसनीयता नही मानी जा सकती।

 

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