प्रदेश में कोरोना संकट में बिजली की अघोषित कटौती शुरू होने से नागरिकों का जीना मुश्किल हो गया है।
पूर्व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने आज जारी बयान में कहा कि जनादेश पर डाका डालने वाली सरकार को आम लोगों की तकलीफों से कोई मतलब नहीं रह गया है। उन्होने कहा कि सीधी जिले और सिहावल विधान सभा क्षेत्र में लगातार बिजली जा रही है। इसके अलावा बढ़े हुए बिजली बिल आने से परेशानी और बढ़ गई है। लोग आश्चर्य बता रहे हैं कि लाकडाउन में भी बिजली बिल का भार कंधों पर आ पड़ा है।
कमलेश्वर पटेल ने कहा कि सरकार का दावा है कि भरपूर बिजली है। रीवा का विश्व का सबसे बडा सोलर प्लांट लगा है। बिजली की कोई कमी नहीं है। लेकिन सबसे बडा आश्चर्य यह है कि बिजली की दरें अचानक मंहगी हो गई हैं और आम लोगों के रोजाना के कामों में रूकावट आ रही है। कांग्रेस सरकार की याद लोगों को आ रही है जब बिजली बिल बहुत कम हो गये थे।
पूर्व पंचायत मंत्री श्री पटेल ने कहा कि भाजपा जनता के आदेश की खरीद फरोख्त करने वाली पार्टी बन गई है। सत्ता का सुख पाने के लिये लोगों को दुख बांट रही है। उन्होने कहा कि बिजली बिल भरने के बाद गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलना जनता का अधिकार है। भाजपा सरकार अब जनता के अधिकारों को भी मसल रही है।