मझौली के पूर्व तहसीलदार चंद्रमणि सोनी के ऊपर जिले भर के अधिवक्ताओं ने अभद्रता तथा शासकीय आवास पर पक्षकारों को बुलाकर फैसला करने का आरोप लगाकर कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। जिले भर के अधिवक्ताओ द्वारा कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन के अनुसार बताया गया कि पूर्व तहसीलदार चंद्रमणि सोनी न्यायालयीन समय में न्यायालय में नहीं बैठते हैं प्रतिदिन शाम 4 व 5 बजे के बाद न्यायालय के चेंबर में आकर बैठते हैं तथा अपने शासकीय आवास पर पक्षकारों को बुलाकर फैसला करते थे। अधिवक्ताओं ने बताया कि तहसीलदार के व्यवहार अधिवक्ताओं के प्रति अच्छा नहीं था, पक्षकारों को न्यायालय मामले में अधिवक्ता नियुक्त करने से मना करते हैं। तहसीलदार के द्वारा कहा जाता है कि अधिवक्ता क्यों लगाते हो फैसला तो मुझे ही करना है। मझौली के पूर्व तहसीलदार पर आरोप है कि न्यायालयीन प्रकरण सभी आरसीएमएस में दर्ज नहीं किए हैं व आदेश पत्रिका पर उलटफेर किया जाता है। मझौली क्षेत्र अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन की भूमि का भूमि स्वामित्व निम्न प्रकरण के माध्यम से प्रदान किया गया है बीते 2 जुलाई को 12 बजे अधिवक्ता प्रवीण तिवारी के साथ तहसीलदार द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया एवं गलत आरोप लगाकर ज्ञापन सौंपा गया है।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि तहसील में अधिवक्ता कक्ष को विधानसभा व लोकसभा चुनाव के लिए अधिवक्ता संघ से मांग किए जाने पर चुनाव कार्य संपादित होने तक के लिये दिया गया था उक्त कक्ष में अधिवक्ता संघ की पुस्तकें भी रखी थी व दिवंगत अधिवक्ताओं की माल्यार्पित तस्वीरें दीवाल पर लगाई थीं जिन्हें कचरे के ढेर के कार्टून में फेंकवा दिया गया है तथा अधिवक्ता कक्ष में ताला लगवा दिया गया है।
कलेक्टर को ज्ञापन के माध्यम से कहा कि अधिवक्ताओं की घोर अवमानना पूर्व तहसीलदार श्री सोनी द्वारा किया गया था जिससे अधिवक्ताओं के सम्मान में ठेस पहुंची है जिसकी पूर्व में भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं जिले भर के अधिवक्ताओं ने ज्ञापन देकर तहसीलदार के ऊपर कार्रवाई करने के लिए गुहार लगाई है।