कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा निर्देशित किया गया है कि सामान्य क्लीनिक एवं फीवर क्लीनिक को अलग-अलग गाइड लाइन एवं प्रोटोकाल के अनुसार संचालित किए जाए।


कृतिका सीधी :
कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा निर्देशित किया गया है कि सामान्य क्लीनिक एवं फीवर क्लीनिक को अलग-अलग गाइड लाइन एवं प्रोटोकाल के अनुसार संचालित किए जाए। आवश्यक सामग्री उपकरण, साफ-सफाई, पेय जल व्यवस्था, सेनिटाइजर, हाथ धोने की व्यवस्था एवं सोशल डिस्टेन्सिग बनाए रखने के लिए ओ.पी.डी. में गोले बनाने आदि व्यवस्थाओं को दुरुस्त करते हुए फीवर क्लीनिक में केवल सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजो को देखा जाए व जांच किया जाए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. बी.एल. मिश्रा ने उक्त के पालन में समस्त फीवर क्लीनिक प्रभारियों को गाइड लाइन का अक्षरसः पालन करने के लिए निर्देशित किया है। इसके साथ ही समस्त प्राइवेट प्रेक्टिशनर को निर्देशित किया गया है कि सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार व खराश के लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों की जानकारी प्रतिदिन नियमित रूप से स्वास्थ्य विभाग को भेजना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि पूर्व में देखा गया है कि जुखाम, खांसी, बुखार के लक्षण वाले मरीजों की ही कोरोना पांजिटिव रिपोर्ट आई है इसलिए इस तरह के लक्षण वाले मरीजों की मानीटरिंग आवश्यक है। डाॅ. मिश्रा द्वारा समस्त जिले वासियों से अपील की गई है कि गैर शासकीय अस्पताल जो कि कोरोना संक्रमण रोकथाम, उपचार के लिए चिन्हित नही है, प्राइवेट प्रेक्टिशनर अथवा झोलाछाप दवाई करने वाले लोगों से उक्त लक्षण होने पर उपचार न कराये। यदि ऐसे उपचार करने वालो की जानकारी प्राप्त होती है जो कि असहयोगात्मक रवैये से पैसे के लालच में इलाज करते है और स्वास्थ्य विभाग को उनकी जानकारी नहीं देते है तो कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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