सरकार द्वारा भले ही आधी सवारी के नियम को दरकिनार कर फुल सीट में बसों का संचालन करने का निर्देश दिया गया है लेकिन यह नहीं लगता कि बसें संचालित हो पाएंगी। दरअसल लॉकडाउन के दौरान बसों के बंद होने के कारण टैक्स माफ करने की मांग को लेकर ज्ञापन भी दिया गया। इसके बाद जब तक इस मामले में सार्थक पहल सरकार द्वारा नहीं की जाएगी तब तक लगता नहीं कि बसों का संचालन हो पाएगा।
लॉकडाउन के बाद से लेकर अब तक जिले में बसों का संचालन बंद है। जिस वजह से काफी दिक्कतें जिले के लोगों को हो रही हैं। इसे देखते हुए पहले तो सरकार ने हर बसों में आधी सवारी बैठाने का फरमान जारी किया गया था लेकिन इस निर्देश पर बस संचालक राजी नहीं हुए थे।
वहीं अब मंगलवार को नया आदेश जारी किया गया जिसके तहत हर बसों में फुल सीट में सवारी लेकर जाने का फरमान भी जारी किया गया। इसके बावजूद भी बस संचालक बसें संचालित करने को लेकर तैयार नहीं हैं। क्योंकि बस संचालकों की मांग है कि 3 महीने जो उन्हें आर्थिक क्षति हुई है इसके बावजूद भला वो उन तीन महीनों का रोड टैक्स सरकार को क्यों दें। यही कारण है कि बस संचालकों ने बसों का संचालन करने को लेकर हाथ खड़ा कर लिया है। ऐसे में यह लग रहा है कि अभी बसों का संचालन होना मुश्किल है। हालांकि सरकार एवं प्रशासन द्वारा बसों के संचालन के लिए दवाब भी दिया जा रहा है लेकिन नहीं लगता कि बसों का संचालन संघ द्वारा कराने का एलान किया जाएगा।
इनका कहना है
जब तक टैक्स माफ नहीं होगा तब तक नहीं चलेंगी बसें : मिश्रा
बस एसोसिएशन संघ के महामंत्री एवं कार्यकारी अध्यक्ष जेएस मिश्रा ने बताया कि बसों के संचालन के लिए सरकार द्वारा जो फरमान जारी किया गया है उससे हम लोग संतुष्ट नहीं हैं। उन्होने बताया कि बसों के संचालन के लिए भले ही फुल सीट में बसों के लिए अनुमति दी गई है लेकिन लॉकडाउन के दौरान बसों का संचालन बंद था इस दौरान सरकार द्वारा बसों का टैक्स माफ किया जाय, इसके बाद ही बसों का संचालन करना संभव हो पाएगा।
टैक्स के बाद ही संचालित होगी बसें : बच्छराज
बसों के संचालन को लेकर संघ तो नाराज हैं ही वहीं अन्य बसों के मालिक भी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इस संबंध में परिहार बस ट्रैवल के बच्छराज सिंह परिहार ने बताया कि जब तक तीन महीने का टैक्स फ्री नहीं होगा बसों का संचालन नहीं किया जाएगा। उन्होने कहा कि इस मामले में संघ के पदाधिकारी ज्ञापन भी दे चुके हैं। इसके बावजूद भी सरकार कोई निर्णय नहीं ले रही है। ऐसी स्थिति में बसों का संचालन नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
बस एसोसिएशन संघ द्वारा मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौपे गये ज्ञापन में मांग की गई है कि लॉकडाउन अवधि के दौरान बसों का टैक्स माफ किया जाये। यह भी मांग की गई है कि चार माह का टैक्स जमा नहीं हो जाता तब तक आगामी परमिट जारी नहीं हो सकता। जिसको जमा करने में आपरेटर असमर्थ हैं। अभी तक जिस राज्य में बसों का संचालन हो रहा है वहां सवारियां ही नहीं निकल रही हैं। डीजल का पैसा भी नहीं निकल पा रहा है। इस स्थिति में जब तक टैक्स माफ नहीं किया जाएगा तब तक बसों का संचालन नहीं हो पाएगा।