पंचायती राज व्यवस्था लागू होने के बावजूद यह सोचा गया था कि प्रदेश और देश के गांव में रहने वाले आम लोगों तक मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाने के साथ ही विकास को प्राथमिकता दी जाएगी लेकिन अफसोस ग्राम पंचायतों में मासूम जनता ने विकास का सपना दिखाने वाले मौकापरस्त जनप्रतिनिधियों पर जब आंखों को मूंदकर विश्वास किया तो विकास का आड़ लेकर जनप्रतिनिधियों ने सुनियोजित घोटाले को बड़े ही शातिराना अंदाज में अंजाम दिया।
सिहावल जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बहरी में पिछले 3 वर्ष के दौरान विकास के लिए आने वाले वजट को आपसी तालमेल बनाकर इस पंचायत के जनप्रतिनिधिय सरपंच एवं सचिव ने किए गए घोटालों में अपनी भूमिका बराबर निभाई है। ग्राम पंचायत बहरी में सड़क निर्माण प्रतिक्षालय निर्माण, सब्जी मंडी सेट निर्माण ,नाली निर्माण, पीसीसी निर्माण ,वेल्डिंग मरम्मत, पार्क निर्माण कराने के नाम पर करीब करोड़ों से अधिक का बजट आहरित जरूर किया गया। पर आज भी बहरी बाजार के अंदरूनी हिस्से में रहने वाले लोगों के लिए एक बेहतर सड़क सपना बनी हुई है। बाजार के अधिकांश जगहों पर मुरूम बिछाने के साथ ही सड़क निर्माण कार्य को पूरा मान लिया गया। इस पंचायत के किए गए घोटालों के अहम किरदार यहां के सचिव बताए जाते हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण प्रतिक्षालय निर्माण, सब्जी मंडी सेट निर्माण ,नाली निर्माण ,पीसीसी निर्माण ,वेल्डिंग मरम्मत ,पार्क निर्माणपीएम आवास योजना, शौचालय निर्माण, बीपीएल कार्ड सहित जनकल्याणकारी योजनाओं की आड़ लेकर सरपंच, सचिव ने मिलकर संयुक्त रूप से अपने लोगों को लाभ पहुंचाया है। ग्रामीणों द्वारा इस पूरे भ्रष्टाचार की जड़ मास्टरमाइंड बहरी सचिव तथा सरपंच हैं। वहीं संविदाकार की मानें तो शिकायत करने पर सचिव एवं सरपंच द्वारा शिकायतकर्ता को धमकी भी दी जाती है पूरे मामले को कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
इनका कहना है
इसके पहले भी बहरी पंचायत के कुछ मामले मेरे संज्ञान में आए थे जिनमें मेरे द्वारा कार्रवाई की गई है। इस मामले में जांच करता हूं तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हमारा मकसद है कि शासन की कल्याणकारी योजना आम जनता तक पहुंच सके।