डॉक्टरों के हो रहे तबादले पर यह कहा सांसद एवं कलेक्टर ने: सीधी

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— कोरोना महामारी को झेल रहे सीधी जिले के लोगों के लिए तबादले का तोहफा मिला है सीधी जिले के जिला अस्पताल में 75 में से गिने चुने बचे 15 डॉक्टरों में से आज एक डॉक्टर और कम हो गया है सीधी जिले की उस बीमार जनता के लिए यह बहुत ही दुखद और परेशान करने वाली खबर है क्योंकि उसे अब इस जिले में एक कम डाक्टर से काम चलाना पड़ेगा इसे सीधी जिले का दुर्भाग्य कहा जाएगा कि जिस जिले में कई दशकों से विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त पड़े हुए हैं और लोग बेबसी और लाचारी में अपना इलाज कराने के लिए दूसरे राज्यों और जिलों की तरफ जाने को मजबूर हो रहे हैं ऐसे में जिले की उस गरीब जनता का क्या होगा जिसके पास बाहर जाने की अपनी खुद की कूवत नहीं है करोना काल में यह उस गरीब के लिए बहुत बड़ी खबर है जो सिर्फ जिले में ही मौजूद डॉक्टरों को दिखाकर अपनी बीमारी का इलाज कराता था सिटी हलचल ने विगत कई वर्षों से जिले में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया है लेकिन ना तो कांग्रेस की सरकार और ना ही भाजपा की सरकार इस जिले को विशेषज्ञ डॉक्टर देने मैं सफल नहीं हो पाए इस वक्त जब कोरोना महामारी का संकट फैल रहा है जिले में कई कोरोना मरीज मिल रहे हैं ऐसे में जिले के बचे खुचे डॉक्टरों का तबादला किया जाना जिले की स्वास्थय व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है 22 मई को सिटी हलचल ने इस समस्या को जिले की सांसद श्रीमती पाठक से उठाया तो उन्होंने कहा की ट्रांसफर एक प्रक्रिया है डाक्टरों की कमी है उसे दूर करने के प्रयास किए जाएगे ! सिटी हलचल ने जब यही सबाल जिले के कलेक्टर रविन्द चौधरी से पूछा तो उन्होंने कहा की ट्रांसफर सेशन का विशेषा अधिकार है व्यवस्थाओ के तहत किया जाता है। कई लाख की आबादी वाले सीधी जैसे गरीब पिछड़े जिले में डाक्टरों की कमी की समस्या साशन प्रशाशन और जिले की जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की कार्य छमता पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाती है साशन चाहे कांग्रेस का हो या बीजेपी का जिले में डाक्टरो कि कमी तो दूर कर नहीं सके जो डाक्टर थे जिले से वो भी विदा हो रहे है ऐसे में अब जिले की जनता मरे या जिए अपने भाग्य से

 

NTV India news

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