कोरोना जैसे बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जिले के कलेक्टर समेत पूरा आमला दिन रात काम कर रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही या फिर यूं कहें कि लचर व्यवस्था के चलते जिला चिकित्सालय आज संक्रमण के साये में है।
कमर्जी थाना अंतर्गत डिहुली निवासी नर्मदा पटेल पिता बुद्धसेन पटेल 40 साल मुंबई के न्यू पनवेल में रहकर मजदूरी का काम करते थे। बताया गया कि 11 मई को मुंबई से अपने ग्रह ग्राम डिहुली आए थे। जहां उनकी तबियत खराब होने लगी है।
मुंबई से आए श्रमिक पटेल ने ‘स्टार समाचार’ से बातचीत में कहा कि 11 मई को सीधी पहुंचा हूं तब से शुगर, दमा, खांसी, सर्दी हो रही है।
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य अमले द्वारा रेड जोन से आए हुए श्रमिक को कोरनटाइन सेंटर की जगह जिला अस्पताल के मेल वार्ड में भर्ती कराना संक्रमण के खतरे से खाली नहीं है।