सरकार बदल गई लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था पुराने ढर्रे में ही जारी है इसीलिए आमतौर पर देखा जाता है कि 108 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस जरूरतमंदों को आसानी से नहीं मिल पाती है और अक्सर जननी एक्सप्रेस के ड्राइवरों के ऊपर सवारियों को ढोने के आरोप लगते रहते हैं। ऐसे ही फिराक में दिखे आज के घटनाक्रम के ड्राइवर का पूरा मामला पकड़ में आ गया। इसकी वांनगी बीते शनिवार को सुबह 5: 19 मिनट पर देखने को मिली, जब जिला जिले में अटैच 108 जननी एक्सप्रेस के ड्राइवर ने भोपाल कंट्रोल रूम को एक चाय विक्रेता के मोबाइल से झूठी जानकारी दी कि डिलीवरी की इमरजेंसी सेवा है जो सीधी से महुआ गांव 65 किलोमीटर जाना है। कंट्रोल रूम तत्काल गाड़ी रवाना करने की अनुमति देता है वहीं जननी एक्सप्रेस का ड्राइवर चाय विक्रेता को उनका मोबाइल वापस कर एमपी 04 डीई 3032 नंबर की एंबुलेंस लेकर गायब हो जाता है।
क्या है पूरा मामला
सत्येंद्र सिंह पिता राज नायक सिंह 42 वर्ष निवासी न्यू स्टेट बैंक के पास जिला चिकित्सालय के आस पास घूम-घूम कर लाक डाउन के दौरान चाय बेचकर परिवार का भरण पोषण करते हैं, सुबह 5: 19 मिनट बजे के लगभग एमपी 04 डीई 3028 नंबर की जननी एक्सप्रेस के चालक ने मोबाइल बंद होने का हवाला देकर चाय विक्रेता से मोबाइल मांगा। जहां भोपाल कंट्रोल रूम में एंबुलेंस के ड्राइवर ने चाय विक्रेता के मोबाइल नंबर 9039373051 से सुबह 5:19 पर आम आदमी बनकर जानकारी दी कि एक महिला का डिलेवरी का मामला है जो जिला चिकित्सालय सीधी से तत्काल महुआ गांव जाना है। मामले की जानकारी कंट्रोल रूम को लगते ही कंट्रोल रूम ने सक्रियता के साथ एंबुलेंस आईडी 3 एमएम 32003000120050172 जारी कर सीधी से 65 किलोमीटर दूर महुआ गांव रवाना होने के लिए एमपी 04 डीई 3028 नंबर चालक को तत्काल रवाना होने की अनुमति देता है।
ऐसे हुआ खुलासा
10 मिनट बाद कंट्रोल रूम भोपाल से चाय विक्रेता के मोबाइल 9039373051 में एंबुलेंस उपलब्ध हुई या नहीं जानने के लिए कॉल किया गया जहां चाय विक्रेता सत्येंद्र सिंह ने घटना की पूरी सही जानकारी भोपाल कंट्रोल रूम को दी तथा बताया गया कि एंबुलेंस का चालक अपना मोबाइल बंद होने का हवाला देकर 2 मिनट के लिए कहीं बात करने के लिए मोबाइल मांगा था, चाय विक्रेता द्वारा बताया गया कि हमें किसी भी तरह की एंबुलेंस की जरूरत नहीं है, ना ही हमारे द्वारा कोई कॉल किया गया है।
आपके द्वारा मुझे जानकारी मिली है हमारे सिस्टम में हर कॉलर की आईडी तथा आने जाने की दूरी रहती है, मैं इसकी जांच करवाता हूं और जननी एक्सप्रेस के ड्राइवर ने यदि ऐसा किया है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
मनोज शुक्ला
सी.एल.
एंबुलेंस संचालक भोपाल
ऐसा काम करने वाले पर सीधे एफआईआर होगी: कलेक्टर
आपके द्वारा मुझे जानकारी मिली है मैं तत्काल एंबुलेंस संचालक को बुलाता हूं और इस पूरे मामले की जांच करवाकर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी क्योंकि यह आम आदमी की इमरजेंसी सेवा है। निश्चित रूप से हम ऐसे काम करेंगे कि हर जरूरतमंद आदमी को एंबुलेंस उपलब्ध हो और ऐसे कृत्य करने वालों पर सीधे एफआईआर दर्ज होगी।