ड्रग इंस्पेक्टर की कमी के चलते दवा विक्रेताओ की मनमानी जारी

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फार्मासिस्ट के बगैर ही संचालित हैं ज्यादातर दुकानें

सीधी
जिले में विगत कई वर्षों से ड्रग इंस्पेक्टर के पद पर किसी भी अधिकारी की नियुक्ती नहीं कि गयी है जिसके चलते मेेडिकल स्टोर संचालकों की मनमानी सॉतवें आसमान पर चल रही है। पूरे देश में कोरोनावायरस के संक्रमण के बीच बताया गया कि जिले में दवा विक्रेताओं की मनमानी पर अंकुश लगाने में डीआई की महत्वपूर्ण भूमिका है किन्तु खाली कुर्सी के चलते नियमों के पालन में कोताही बरती जा रही है। विगत कई वर्षो से जिले को प्रभारी ड्रग इंस्पेक्टर का एक मात्र सहारा है, उस पर भी प्रभारी को जबलपुर, सिंगरौली सहित सीधी का भी प्रभार सौंपा गया है। इन हालातों में दवा विक्रेताओं द्वारा अनियमितता बरतना स्वाभाविक प्रतीत होता है।
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मेडिकल स्टोर्स में बिक रही एक्सपायरी दवा 
जिला मुख्यालय सहित ग्रामींण अंचलों में इन दिनों कई मेडिकल स्टोर्स पर एक्सपायरी डेट की दवा सहित नशे और सेंपल की दवाइयां धडल्ले से बेचनें का आरोप लोगों के द्वारा लगाया जा रहा है, साथ ही बताया गया कि ज्यादातर मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट नहीं हैं। ऐसे में गलत दवा देने से मरीजों की जान जाने की आशंका बनी रहती है। प्रभारी ड्रग इंस्पेक्टर के द्वारा नियमित रूप से अचौक निरीक्षण न होने से स्टोर मालिक बेखौफ  होकर बिना फार्मासिस्ट के धडल्ले से प्रतिबंधित दवाइयां बेच रहे हैं।
किराये में उपलब्ध हैं फार्मासिस्ट
 सूत्रों की मानें तो बाजार में पांच से छह हजार रुपये किराए के फार्मासिस्ट डिप्लोमाधारकों की मदद के आधार पर दर्जनों मेडिकल स्टोर खुले हैं। इन मेडिकल स्टोर्स पर बिना डॉक्टर के पर्चे पर नशे की जानलेवा दवाइयां बेखौफ  होकर बेची जा रही हैं। लोगों का आरोप है कि भूले भटके कभी कभार सक्षम अधिकारियों के द्वारा निरीक्षण का कार्य किया भी जाता है तो मेडिकल स्टोर संचालक डिप्लोमा दस्तावेज दिखा कर फार्मासिस्ट के छुट्टी पर होने की बात बताकर बेखौफ होकर धडल्ले से कारोबार करते रहते हैं।
स्टोर संचालक देते हैं निर्धारित शुल्क
नाम न छापने और बताने की शर्त पर दबी जुबान से क्षेत्र में गलत तरीके से संचालित मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि सेंपल और नशीली दवा सहित बिना डॉक्टर के पर्चे के गर्भपात की दवा बेचने के लिए माहवारी दिया जाता है। जिसके आधार पर बिना डाक्टर के पर्चे पर प्रतिबंधित और गर्भपात की दवा बेचने पर अच्छा मुनाफा हो जाता है।
इनका कहना है
मेडिकल स्टोर संचालक गड़बड़ी कर रहे हैं तो अभियान चलाकर जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान समय में मैं जबलपुर में हॅू जो कि रेड जोन में है, साथ ही मेरे पास इस समय सीधी सिंगरौली एवं जबलपुर जिले का भी दायित्व सौंपा है जिसके चलते सीधी निरीक्षण कार्य हेतु आना संभव नहीं हो रहा है।
राम लखन पटेल
प्रभारी ड्रग इंस्पेक्टर, सीधी
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