रीवा से दोनों कोरोना संक्रमित कैदी भेजे गये भोपाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें बताया जनता की एकता एवं जागरुकता की जीत।


रीवा: व्यापक विरोध के बाद, अंततः भारी सुरक्षा के बीच रीवा से कोरोना संक्रमित कैदियों को भोपाल के लिये रवाना कर दिया गया। उन्हें अब भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती किया जायेगा। बता दें की, कुछ दिनों पहले इंदौर से रासुका के तहत कैदियों को सतना सेंट्रल जेल भेजा गया गया था। जहां जांच के बाद दो कैदी कोरोना पॉजिटिव निकले थे। बाद में दोनों कोरोना पॉजिटिव कैदियों को रीवा रेफर कर संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोनों को अस्पताल के चौथी मंजिल पर कोरोना विशेष कॉरीडोर में रखा गया था। दोनों को कोरोना प्रोट्रोकॉल के तहत पुलिस की भारी सुरक्षा में एम्बुलेंस से रीवा लाया गया था।
विंध्यवासियों नें जताया था विरोध।

इंदौर के दो कैदियों, जो की कोरोना पॉजिटिव निकलें थे, को सतना सेंट्रल जेल से होकर रीवा पहुंचनें पर विंध्य क्षेत्र की जनता नें कड़ा विरोध किया था। जैसी ही यह खबर आई की इंदौर से सतना सेंट्रल जेल भेजे गये दो कैदी कोरोना पॉजिटिव पाये गये है, सोशल मीडिया के जरिए लोंगों नें इसका विरोध करना चालू कर दिया था। उसके बाद जैसे ही यह खबर मिली की अब दोनों कैदियों को रीवा संजय गांधी हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जा रहा है, विरोध और भी तेज हो गया था। सोशल मीडिया के जरिए विंध्य क्षेत्र की जनता मांग की थी की, तत्काल दोनों कोरोना पॉजिटिव कैदियों को विंध्य से बाहर भेजा जाय।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें किया था कड़ा विरोध।
इंदौर से सतना आये रासुका के दो कैदियों के कोरोना पॉजीटिव निकलनें पर, विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होनें सीएम शिवराज सिंह चौहान को आड़े हाथों लेते हुये कहा था की ” शिवराज जी कोरोना की रोकथाम कर रहे है या उसे प्रदेश व्यापी बनाने में लगे हैं। विंध्य क्षेत्र जो इस महामारी से अछूता है वहाँ रासुका के कोरोना पॉजिटिव भेजकर पूरे विंध्य की जनता की जान को खतरा पैदा कर दिया है”। साथ ही उन्होनें कहा था की, तत्काल संक्रमित को विंध्य से बाहर भेजा जाए”।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने इसे विंध्यवासियों की एकता और जागरूकता की जीत बताया।
मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें कोरोना संक्रमित कैदियों को रीवा से वापस भेजने के निर्णय को विंध्यवासियों की एकता और जागरूकता की जीत बताया। लेकिन उन्होनें ये भी कहा की इसकी जांच होना भी जरूरी है की, विंध्य की जनता के जीवन से खिलवाड़ करने के लिए कौन जिम्मेदार है ।
कोरोना संक्रमित कैदियों को रीवा से वापस भेजने का निर्णय विंध्यवासियों की एकता और जागरूकता की जीत है लेकिन इसकी जांच होना भी जरूरी है विंध्य की जनता के जीवन से खिलवाड़ करने के लिए कौन जिम्मेदार है । pic.twitter.com/1j4QSrxLs6
— Ajay Singh (@ASinghINC) April 13, 2020
