क्योंकि इंद्रजीत कुमार की सहजता खुदा की खास नेमत थी…!

0 849
Main Ad1

?श्रद्धांजलि आलेख?

【आर.बी.सिंह ‘राज’】✍️

Main Ad1

?20 नवंबर प्रथम पुण्यतिथि पर विशेष
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
?बेजोड़ मिलनसारिता के कायल थे लोग…

?सच्ची मानव सेवा ने बनाया जिन्हें गरीबों का सुपरस्टार…
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

सादगी की झलक, गरीबों के प्रति ललक, समस्याएं सुनने में गरीबों के लिए भी सर्वाधिक सहज व्यक्तिगत, विंध्य की माटी की धरा की महक, एक महान राजनैतिक व सामाजिक पुरोधा पुरुष श्री इन्द्रजीत कुमार की आज प्रथम पुण्यतिथि है। उन्होंने प्रदेश की आम जनता व पीड़ित मानवता की कसौटी पर खरे उतरकर गिनीज बुक में अपना सर्वोपरि नाम दर्ज कराया।
सीधी जिले के सुपेला की धरती के लाडले सपूत “श्री इंद्रजीत कुमार” का नाम आज भी उन्हें जानने और चाहने वाली हर एक जुवां पर बड़े ही अदब से लिया जाता है।
“श्री इंद्रजीत कुमार” अपने जीवन काल में 22 वर्ष की आयु से ही एक पंच के रुप में जनसेवा की शुरुआत कर सीधी जिले व प्रदेश के विकास, उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे।

?चार दशकों का रहा राजनीतिक सफर…
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
विंध्य की वसुंधरा के तत्कालीन सीधी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सुपेला में पूर्व मंत्री “श्री इन्द्रजीत कुमार” का जन्म 5 मार्च 1943 को हुआ। अपनी राजनीतिक यात्रा में कम समय में ही वो प्रदेश की राजनीति के संप्रभुता को एक निश्चित दिशा एवं आयाम देने वाले राजनैतिक पुरौधा के सर्वोपरि नाम के रूप में प्रतिस्थापित हुए।
देश सेवा एवं समाजसेवा का व्रत लेने वाले स्वाभिमानी “श्री इन्द्रजीत कुमार” ने लम्बे राजनीतिक करियर में सन् 1965 से 1970 तक ग्राम पंचायत सुपेला के पंच तथा सरपंच रहकर अपनी राजनैतिक जीवन की शुरुआत की तत्पश्चात 1973 से 1977 में ब्लाॅक युवक कांग्रेस एवं सदस्य तहसील स्तरीय 20 सूत्रीय कार्यक्रम के सदस्य रहे। सन् 1989 से 1999 तक जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय की प्रबंध समिति के सदस्य रहे।
1977 से लगातार म.प्र. शासन के सदस्य पर आसीन होने के साथ साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के मंत्रीमंडल में आवास एवं पर्यावरण स्वतंत्र प्रभार तथा 1994 से 1996 तक स्कूल शिक्षा मंत्री रहे।

?गिनीज बुक में नाम से लेकर राष्ट्रपति के हाथों हुए सम्मानित…
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
“श्री कुमार” को 1995 में प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान स्वयं प्रधानमंत्री एवं तत्कालीन “राष्ट्रपति स्व. श्री ए. पी. जे. अब्दुल कलाम” के हाथों म. प्र. में केबिनेट मंत्री रहते हुए
“मानव सेवा का पुरुस्कार” भी मिला तथा 2003-04 में उत्कृष्ट मंत्री के रुप में भी समानित हुए।
इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री राजीव गांधी के जन्मदिन के अवसर पर 20 सितम्बर 1999 को दिल्ली में राष्ट्रीय एकता पुरुस्कार से भी सम्मानित किया गया। “श्री कुमार” ने मंत्रीमंडल के केबिनेट में ‘शिक्षा मंत्री’ जैसे दायित्व को संभालते हुए प्रदेश में संचालित विद्यालयों का उन्नयन कर शिक्षा को बढ़ावा देने का सार्थक प्रयास भी किया। आज प्रदेश के समस्त जिलों में शिक्षा को विशेष बल देने वाले में उनका नाम सर्वोपरि उल्लेखित किया जाता है। ऐसे बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी तथा मानवता के पोषक “श्री इन्द्रजीत कुमार” ने पिछड़ा वर्ग के उत्थान के सदैव बातें उठायीं।
“श्री इंद्रजीत कुमार” सीधी विधानसभा क्षेत्र से सात पंचवर्षीय निरंतर जीतकर गिनीज़ बुक में स्थान बनाने वाले प्रदेश में दूसरे विधायक है।
श्री कुमार सीधी संसदीय सीट से कांग्रेस पार्टी से दो बार चुनाव लड़े जहां काफी संघर्षमय परिणाम रहा।

?”अर्जुन” के ‘हनुमान’ थे “वो”…
~~~~~~~~~~~~~~~~~
कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री ‘कुंवर अर्जुन सिंह दाऊ साहब’ का ‘श्री इन्द्रजीत कुमार’ को विशेष आशिर्वाद प्राप्त था। श्री इन्द्रजीत कुमार उन्हें हमेशा “दाऊ साहब” के नाम से ही उद्बोधित करते थे और राजनैतिक गलियारों में लोग इन्द्रजीत कुमार को कुंवर अर्जुन सिंह का “हनुमान” पुकारते थे।

?प्रदेश भर में रही लोकप्रियता बेमिसाल…
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
मध्य प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री के रुप में उनकी लोकप्रियता सीधी जिले में ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश आज भी लोगों के दिलों दिमाग व यादों में है। राजनीति के क्षेत्र में कई मर्तबा कड़वा घूंट पीने के बावजूद भी जनससमयाओं के निवारण हेतु वे कभी पीछे नहीं रहे।

?मंत्रीजी का मतलब ही होता था इंद्रजीतकुमार…
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
अपने जीवन काल के अंतिम दशकों में मंत्री या विधायक पद पर न रहने के बावजूद भी जिले और प्रदेश के लोग श्री इंद्रजीत कुमार को उनकी पुरानी उपाधि यानी “मंत्रीजी” शब्द से ही संबोधित करते रहे।
इसीलिए रामचरित मानस में तुलसीदास द्वारा लिखी यह चौपाई और इन्द्रजीत कुमार पर यह अक्षरशः लागू होती है-
‘‘मैं सेवक परिवार समेता…’’।

?आज से 1 वर्ष पूर्व जननायक ने कहा दुनिया को अलविदा…
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
सरल,सहज,सादगी की प्रतिमूर्ति व कांग्रेस के दिग्गज नेता श्री इंद्रजीत कुमार पटेल ने जब आज से 1 वर्ष पूर्व 18 नवंबर 2018 की रात दुनिया को अलविदा कहकर ईश्वर की शरण में वास किया तो राजनीति की दुनिया के इस दिग्गज नेता के निधन की खबर पूरे प्रदेश में जंगल की आग की तरह फैली और उनके चाहने और जानने वाले तथा हर दल में उनका सम्मान करने वाले लोगों में गहरी शोक की लहर व्याप्त हो गई।

?गरीबों ने अपना सुपरस्टार खो दिया…
~~~~~~~~~~~~~~~~~~
राजनीति के दिग्गज नेता “श्री इंद्रजीत कुमार” एक ऐसी अजीम शख्सियत थे जिनसे कोई भी गरीब,असहाय,शोषित, पीड़ित जाकर सीधे उनसे बड़ी सहजता के साथ बातें कर सकता था और अपनी पीड़ा का बयान कर सकता था।
“श्री कुमार” के इसी सरल,सहज और सादगी पूर्ण व्यक्तित्व ने उन्हें गरीबों का सुपरस्टार बना दिया।

एक आम गरीब भी जब श्री कुमार के बारे में बातें करता था तो ऐसा महसूस होता था कि मानो वह श्री कुमार के ऊपर अपना पूरा हक रखता है और वो बेझिझक उनसे अपनी पीड़ा खुले दिल के साथ व्यक्त कर न्याय की उम्मीद कर सकता है।

?अहंकार ने तो उन्हें कभी छुआ ही नहीं…
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
वर्तमान राजनीतिक परिवेश में जबकि कोई भी जनप्रतिनिधि पहली मर्तबा ही चाहे निर्वाचित होकर आया हो पर उसके अंदर अहम व अकड़ कुछ यूं हो जाती है कि आम जनता से बात करने का वो सलीका भी भूल जाता है। और यही बात ‘श्री इंद्रजीत कुमार’ को वर्तमान राजनीतिज्ञों से अलग करती थी। अपने तकरीबन 40 साल के राजनीतिक कैरियर में प्रदेश सरकार में कई बार कैबिनेट मंत्री जैसे बड़े पदों पर रहने तथा कई पुरस्कारों से नवाजे जाने के उपरांत भी उनसे मिलने वाले हर खास व आम को उनके अंदर कोई घमंड देखने या महसूस करने को कभी नहीं मिलता था।

?विपक्षी दिग्गज भी कतराते थे उनके सामने चुनाव लड़ने से
~~~~~~~~~~~~~~~

श्री इंद्रजीत कुमार की आम लोगों में छवि कुछ यूं ही की आम एवं गरीब लोगों का सुपरस्टार होने के कारण विपक्षी दलों के बड़े-बड़े दिग्गज भी श्री इंद्रजीत कुमार के खिलाफ चुनाव लड़ने से कतराते थे।

?कमलेश्वर पटेल को सौंपी राजनैतिक विरासत…
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
“श्री इन्द्रजीत कुमार” ने अपने रहते ही अपनी राजनैतिक विरासत अपने राजनैतिक चातुर्य के धनी बेटे कमलेश्वर पटेल के कंधों में सौंप दी थी जिसका ही ये परिणाम रहा कि वो लगातार दूसरी बार कांग्रेस से निर्वाचित हुए हैं तथा वर्तमान में वो म.प्र. शासन के ‘कैबिनेट मंत्री,पंचायत एवं ग्रामीण विकास’ के रूप में पूरे प्रदेश में एक युवा नेता के रूप में जाने जाते हैं।

?आज सुपेला में जुटेंगे इंद्रजीत कुमार को चाहने वाले
~~~~~~~~~~~~~~~~~

श्री इंद्रजीत कुमार के चाहने वालों की फेहरिस्त विंध्य से लेकर पूरे मध्यप्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर रही है। हर दिल अजीज रहे श्री कुमार की आज प्रथम पुण्यतिथि पर उनके गृह ग्राम सिहावल विधानसभा के सुपेला में प्रदेश के कई मंत्रियों सहित अन्य दलों के दिग्गज नेता एवं उनके चाहने वाले तो पहुंच ही रहे हैं साथ ही क्षेत्र के उनके अपने वो खास गरीब तबके के लोग जिन्हें उनका हमेशा स्नेह और संबल मिलता रहा है और जिनके वह सुपरस्टार थे वो तो सुबह से ही आज उनकी समाधि स्थल पर पहुंचना प्रारंभ हो जाएंगे।

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
आलेख-
आर.बी.सिंह ‘राज
वरिष्ठ पत्रकार
सीधी
?9425177600
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

News TOP Footer