| पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने किया दस्तक अभियान का शुभारंभ |

सीधी : धर्मेंद : पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने सिहावल विकासखंड के ग्रामपंचायत सुपेला के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में 20 जुलाई 2019 तक 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, कुपोषण नियंत्रण, टीकाकरण, टेकहोम राशन और बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए घर-घर दस्तक देने के लिए संचालित होने वाले दस्तक अभियान का शुभारंभ किया। पंचायत मंत्री श्री पटेल ने कहा कि कुपोषण और बीमारियों से बच्चों को आजादी दिलाने के लिये दस्तक अभियान को चुनौती के रूप में लेते हुए गाँव-गाँव में घर-घर जाकर पाँच वर्ष आयु तक के बच्चों से सम्पर्क करने का लक्ष्य रखा गया है। अपने देष के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए बच्चों को उचित पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना आवश्यक है। 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को 12 सेवाएँ घर-घर में पहुँचाने के अभियान का नाम दस्तक है। इस महत्वाकांक्षी अभियान में अहम भूमिका अदा करने वाले कार्यकता आशा, आंगनवाड़ी, ए.एन.एम. को शसकीय सेवा के साथ मानवता के दृष्टिकोण से सामाजिक सेवा में स्वयं का शत-प्रतिशत योगदान प्रदान करने पर ही अभियान को पूर्णतः सफल बनाया जा सकेगा। मंत्री श्री पटेल ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी की सक्रिय सहभागिता की अपील की है पंचायत मंत्री श्री पटेल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देषित किया कि दस्तक दल बच्चों की जानकारी प्राप्त करने जब घर जाये तो परिजनों को बच्चों के स्वास्थ्य के संबंध में पर्याप्त जानकारी दें। बच्चों का परीक्षण करें। कुपोषित और बीमार बच्चों को चिन्हित कर उनके उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाये। कोई भी बच्चा इस अभियान के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जायेगी। उन्होने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रतिदिन अभियान की प्रगति से अवगत कराने के निर्देष दिए हैं।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आर. एल. वर्मा ने बताया कि दस्तक अभियान में आँगनवाड़ी, एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान कर उनका त्वरित प्रबंधन करेंगे, जिससे बाल-मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सकेगी। अभियान में मुख्य तौर पर समुदाय में बीमार बच्चों और नवजातों की पहचान, प्रबंधन एवं रेफरल, शैशव एवं बाल्यकालीन निमोनिया की पहचान, प्रबंधन, कुपोषित बच्चों को पहचानना तथा उपचार के लिये एनआरसी भेजना, आदि महत्वपूर्ण कार्य किये जाएंगे। अभियान दल गाँव-गाँव, घर-घर जाकर बाल्यकालीन दस्त रोग नियंत्रण के लिये ओआरएस एवं जिंक के उपयोग के संबंध में जागरूकता, विटामिन-ए का अनुपूरण, 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में दिखाई देने वाली जन्मजात विकृतियाँ, शिशु एवं बाल आहार पूर्ति संबंधी समझाइश देगा। इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी सिहावल आर. के. सिन्हा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अशोक तिवारी सहित स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे
