चुरहट: शॉर्ट सर्किट से 3 किसानों के घर खलिहान जलकर खाक


?मौके पर नही पहुँची दमकल की गाड़ी
?किसानों में आक्रोश

सीधी ।
जिले के चुरहट थाना अंतर्गत डढ़िया गांव में बुधवार को दोपहर बिजली के एक चिंगारी ने 3 किसानों के सपनों के खाक कर दिया है उनकी जहां फसल जलकर खाक हो गई वहीं इस आगजनी की घटना में किसानों के घर भी खाक हो गए उनके सामने अब रहने और खाने दोनों के लिए लाले पड़ गए हैं ।
बताया गया है कि आग लगने की घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने थाना को देने के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारियों को भी दी गई थी लेकिन देर शाम 5 बजे तक आग बुझाने के लिए दमकल वाहन तक उपलब्ध नहीं कराया गया यहां तक की कोई प्रशासनिक अधिकारी किसानों पर आई इस विपदा से निजात दिलाने के लिए उनकी मदद करने के लिए गांव तक जाना उचित नहीं समझे।
मिली जानकारी के अनुसार चुरहट थाना से महज 8 किलोमीटर दूर बस एक डढ़िया गांव के 3 किसान राजेंद्र सिंह बघेल बाबूलाल सिंह रोहिणी सिंह अपने अपने खेतों की फसलें काटकर गाय के लिए खलिहान में रखे हुए थे बुधवार की दोपहर अचानक बिजली के तार से चिंगारी उठकर फसल में गिर गई और देखते ही देखते यह चिंगारी आग का विकराल रूप धारण कर ले जब तक गांव के लोग आग पर नियंत्रण करने का प्रयास किए तब तक आग उग्र हो ले चुकी थी किसी की हिम्मत आग बुझाने की नहीं पड़ रही थी। हालत ये हो गए थे कि फसल को खत्म करने के बाद आग ने घरों को चपेट में लेना शुरू कर दिया और कई किसानों के घर में जलकर खाक हो गए। किसानों के घर और खलिहान में आग लगने की जानकारी गांव के लोगों ने स्थानीय प्रशासन सहित जिला प्रशासन को भी दिया था लेकिन आग पर नियंत्रण पाने के लिए ना तो दमकल वाहन पहुंचा और ना ही प्रशासनिक अधिकारी मदद के लिए आए। अधिकारियों द्वारा की गई उपेक्षा को देख कर गांव के लोगों में अच्छा खासा आक्रोष का माहौल तैयार हो गया। ग्रामीणों की मानें तो आग लगने के बाद गांव के ही लोगों ने बिजली की सप्लाई बंद करके सौर ऊर्जा से लगे मोटर पंप के माध्यम से आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया गया लेकिन कामयाबी हासिल नहीं हो सकती है समाचार लिखे जाने तक गांव के लोग मिलकर आग बुझाने का प्रयास अनवरत जारी किए हुए हैं।
?नगर पंचायत चुरहट में है दमकल वाहन
आगजनी की घटना से नियंत्रण पाने के लिए जिले में कोई अलग से व्यवस्था नहीं बनाई गई है नगर पालिका और नगर पंचायतों के पास ही दमकल वाहन उपलब्ध रहते हैं चुरहट नगर पंचायत में भी दो दमकल वाहन मौजूद हैं लेकिन उनके चालू होने या ना होने की जानकारी कोई अधिकारी देने को तैयार नहीं है। इसे अधिकारियों की लापरवाही माने या जनप्रतिनिधियों की उदासीनता ?
किसानों की मदद के लिए दमकल वाहन उपलब्ध नहीं हो पाते जिसके कारण किसान प्राकृतिक आपदाओं के शिकार होते रहते हैं। अभी बीते सप्ताह रामपुर नैकिन थाना के मुरतला लेहेचुआ रघुनाथपुर अमिलिया थाना के सिहावल महुआ गांव के किसान आगजनी के शिकार हो चुके हैं।
नगर पंचायत का दमकल वाहन अगर ड़ढ़िया गांव पहुंचा होता तो किसानों के फसल ना भी बचाई जा सकती तो भी उनके सिर छुपाने के ठिकाने को तो बचाया ही जा सकता था लेकिन अधिकारियों की मनमानी के चलते किसान सड़क में रहने को मजबूर हो गए हैं।
