। बीजेपी के पूर्व सांसद गोविन्द मिश्रा ने पार्टी छोड़ी बीजेपी को लगा झटका ।

सीधी : धर्मेद्र : लोकसभा संसदीय सीट सीधी में जैसे-जैसे चुनाव की तिथियां नज़दीक आती जा रही हैं वैसे वैसे समीकरण रोचक और दिलचस्प होते जा रहे हैं । दोनों ही दल चाणक्य की भाति अपनी अपनी अपनी राजनीतिक चालें चल रहे हैं जिसमें उनके जीत के समीकरण बन रहे हैं । सीधी जिले में निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारंभ होने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के लिए कई झटके लग चुके हैं पार्टी के कई कद्दावर और जमीन से जुड़े नेता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं जो सिलसिला बना है वह अभी तक रुकने का नाम नहीं ले रहा है । 10 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा जब सीधी संसदीय सीट से बीजेपी के पूर्व में सांसद रहे गोविंद मिश्रा ने प्रेस वार्ता आयोजित कर के भारतीय जनता पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी जिले की भाजपा की राजनीति में गोविंद मिश्रा एक बड़े कद्दावर नेता की छवि में थे उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में बड़े संघर्ष किए हैं उन्होंने जब बीजेपी की कोई हवा या लहर नहीं थी उस समय भी उन्होंने बीजेपी का दामन थामे रखा उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत की राजनीति में चाणक्य कहे न कहे जाने वाले कुंवर अर्जुन सिंह के खिलाफ राजनीतिक लड़ाइयां लड़ी और राजनीतिक मर्यादाओं को बनाए रखा जिसकी आज भी मिसाल दी जाती है । 10 अप्रैल को अपने पार्टी छोड़ने की घोषणा करने के दौरान पूर्व सांसद गोविन्द मिश्रा ने पार्टी पर उनकी उपेक्षा करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी की इस उपेक्षा से मुझे काफी पीड़ा हुई है । पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व सांसद गोविन्द मिश्रा ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने तो मुझे बहुत पहले छोड़़ दिया लेकिन मैंने पार्टी आज छोड़ी है पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व सांसद गोविन्द मिश्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में आज कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का सम्मान नहीं किया जा रहा है कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की उपेक्षा की जाती हैपत्रकार वार्ता के दौरान के NTV India news के संवाददाता नेजब उनसे जानना चाहा कि आप क्या किसी दल की सदस्यता ले रहे हैंजिस पर उन्होंने साफ साफ कहा कि नहीं एन टीवी इंडिया न्यूज़ के संवाददाता ने गोविंद मिश्र से सवाल किया कि आपने इस जिले में रेल लाने के लिए कोई प्रयास किए हैं क्या । इस पर उन्होंने कहा कि इसके सबूत जिला कलेक्ट्रेट में रखे हुए हैं मैं ढिंढोरा नहीं पीटता बहुत से लोगों को उसी सेे नौकरियां मिली है । पत्रकार वार्ता के दौरान अपनी पार्टी के उपेक्षा का दुख बयान करते हुए सांसद ने यह भी कहने से कोई गुरेज नहीं किया कि वह पार्टी की पीड़ा मोह छोड़कर राजनीतिक से सन्यास ले रहे हैं सांसद गोविन्द मिश्रा लंबे समय तक इस जिले में भारतीय जनता पार्टी के चर्चित और कद्दावर नेता रहे हैं आज चुनाव के ऐन मौके पर उनके पार्टी छोड़ने पर जिले का जमीन से जुड़ा हर कार्यकर्ता निश्चित तौर पर सदमे में होगा और वह सोच रहा होगा कि भारतीय जनता पार्टी की जिंदगी भर सेवा करने के बाद जब ऐसे व्यक्ति को इस तरह का बयान देना पड़ रहा है और राजनीति से सन्यास लेना पड़ रहा है तो ऐसे में उनका भविष्य इस पार्टी में आने वाले समय में किस तरह का होगा सीधी जिले की राजनीति में गोविंद मिश्रा का राजनीतिक जीवन मर्यादा और मिलनसार व्यक्तित्व का था उन्होंने सदैव इस जिले के हर वर्ग के लोगों की मदद की है और अपना कर्तव्य निभाया है । जिले के विकास में उनका अहम योगदान है जिसको कोई नकार नहीं सकता । सांसद गोविन्द मिश्रा के पार्टी छोड़ने और सन्यास लेने के फैसले से राजनीतिक रूप से जिले को निश्चित तौर पर छती हुई है इसके साथ ही जिले की भारतीय जनता पार्टी के लिए भी एक बड़ी छती कही जाएगी चुनाव के ऐन मौके पर गोविन्द मिश्रा के इस्तीफे का असर लोकसभा चुनाव पर भी पड़ेगा इससे इनकार नहीं किया जा सकता एन टीवी इंडिया न्यूज़ के लिए धर्मेंद्र की रिपोर्ट ।
