अस्पतालों को प्राइवेट हाथों में सौंपने के विरोध में शिवसेना पार्टी ने सीएमसीएचओ कार्यालय घेरा

सीधी धर्मेंद : मध्य प्रदेश के 10 जिलों कि अस्पतालों को प्राइवेट हाथों में सौंपने का मुद्दा अब धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगा है और विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं मध्य प्रदेश के प्राइवेट हाथों में सौंप जा रहे हैं 10 अस्पतालों में सीधी जिला अस्पताल का नाम भी शामिल है जिसको लेकर सीधी जिले में भी विरोध के स्वर तेज हो गए हैं 27 सितंबर को शिवसेना पार्टी ने सीधी जिला अस्पताल को निजी हाथों में सौंप जाने का विरोध करते हुए मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय का घेराव कर दिया दोपहर बाद शिवसेना पार्टी के आधा सैकड़ा महिलाएं और पुरुष सीएमसीएचओ कार्यालय के अंदर घुस गए और उन्होंने सीधी जिला अस्पताल को निजी हाथों में देने का विरोध शुरू कर दिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के जिले में मौजूद न होने की वजह से मौके पर कार्यालय में धरना प्रदर्शन करने अंदर आ गए प्रदर्शन कारियो से मिलने सिविल सर्जन दीपारानी इशारानी को आना पड़ा इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने दीपारानी इसरानी को अपनी मांगों का ज्ञापन ज्ञापन पढ़ कर सुनाया ज्ञापन में इस बात का जिक्र था कि सीधी जिला अस्पताल को प्राइवेट हाथों में देने से इससे गरीब जनता पर क्या असर पड़ेगा जनता को क्या लाभ होगा और क्या हानि होगी यह बात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को स्पष्ट करनी चाहिए उसके बाद ही सीधी जिले का अस्पताल निजी हाथों में सोपा जाना चाहिए अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने के बाद शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने मीडिया को अपने विरोध प्रदर्शन की जानकारी दी और कहा कि जनता का लाभ हानि जाने बिना इस तरह के कदम नहीं उठाने चाहिए हम इसका विरोध करेंगे।
