नपा सीएमओ एक विशेष दल के लिए काम कर रहे कहा नगर परिषद अध्यक्ष मोनिका गुप्ता ने

सीधी धर्मेंद : सीधी जिले की चुरहट नगर परिषद में इन दिनों नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती मोनिका गुप्ता और मुख्य नगर पालिका अधिकारी आनंद मिश्रा के बीच आरोप प्रत्यारोप और तनातनी की स्थिति बनी हुई है एक तरफ जहां नगर परिषद के अध्यक्ष आनंद मिश्रा ने नगर परिषद की अध्यक्ष मोनिका गुप्ता के पति विजय गुप्ता पर कार्यालय कार्य में हस्तक्षेप करने के गंभीर आरोप लगाए हैं वहीं उन्हें नगर परिषद में प्रवेश पर भी निषेध कर दिया नगर परिषद के सीएमओ आनंद मिश्रा की इस हरकत को नगर परिषद के अध्यक्ष मोनिका गुप्ता उनके पति और कई पार्षदों ने तानाशाही पूर्ण रवैया बताते हुए जिले के कलेक्टर से आवेदन देकर शिकायत की और कहा की नगर परिषद के सीएमओ अपनी मनमानी करना चाहते हैं वही पार्षदों की काउंसिल में लिए गए निर्णय को निरस्त करके मनमानी कर रहे हैं जिस पर कलेक्टर ने जांच कमेटी भी गठित करने की बात कही थी। अध्यक्ष और सीएमओ के बीच चल रही तनातनी का असर अब नगर परिषद के कर्मचारियों पर भी पड़ने लगा है 12 अक्टूबर को कई अखबारों में खबरें आई कि नगर परिषद चुरहट के सफाई कर्मियों का वेतन नहीं निकल रहा है जिससे वह हड़ताल पर चले गए इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर मीडिया ने नगर परिषद के सीएमओ आनंद मिश्रा से उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने एन टीवी इंडिया न्यूज़ के पूछे गए सभी सवालों का जवाब दिया और कहा कि शासन के नियमानुसार काम करने में हमें कोई दिक्कत नहीं है उन्होंने कहा कि यहा लोग अफवाह फैला रहे हैं कि हमने अध्यक्ष महोदय के पति को प्रतिबंधित किया हमने उन्हें निषेध किया है और अनुमति लेकर प्रवेश करने के लिए आदेश जारी किया है इसके साथ ही नगर परिषद के सीएमओ ने मीडिया के पूछे गए सभी सवालों का जवाब दिया। मीडिया ने इन सभी मुद्दों को लेकर नगर परिषद की अध्यक्ष मोनिका गुप्ता को सीएमओ के बयान का हवाला देकर उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि सीएमओ एक विशेष दल के लिए काम कर रहे हैं इसलिए वह इस तरह की हरकतें कर रहे हैं आगे उन्होंने कहा कि सीएमओ और हमारे बीच चल रही खींचतान का फायदा तीसरे लोग उठाना चाहते हैं जिसमें वह सफल नहीं हो पाएंगे और हम नगर परिषद को बेहतर ढंग से चलाएंगे चलाएंगे। नगर परिषद के सीएमओ और अध्यक्ष के बीच चल रही तनातनी का फायदा कहीं ना कहीं तीसरा पक्ष उठाने की कोशिश कर रहा है उसकी कोशिश है कि नगर परिषद की अध्यक्ष को काम करने में अक्षम साबित कर दिया जाए जिससे उनकी छवि खराब हो लेकिन सीएमओ और नगर परिषद अध्यक्ष के दिए बयानों की तुलना की जाए तो दोनों ही पक्ष परिषद चुरहट को बेहतर ढंग से चलाना चाहते हैं आने वाले कुछ दिनों में निश्चित ही दोनों में पक्ष बेहतर ताल मेंल के साथ काम करते हुए देखने को मिल सकते है।
