एमपी अजब है आदेश गजब है मृतक रोजगार सहायक संदीप कुमार सिंह की कर दी पदस्थापना

सीधी धर्मेंद : एमपी अजब है यहां आदेश गजब है सीधी जिले के सिहावल ब्लॉक में जिले के आला अधिकारियों के हस्ताक्षर से जारी हुए एक आदेश ने हड़कंप मचा दिया है जिसमे मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में लापरवाही पाए जाने पर सचिव श्यामसुंदर पटेल को निलंबित करने और उसके स्थान पर एक ग्राम रोजगार सहायक संदीप सिंह की पदस्थापना करने का एक ही आदेश जारी करने का कारनामा सामने आया है वह भी जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राहुल नामदेव धोटे के हस्ताक्षर से इस आदेश के जारी होने के बाद हड़कंप मच गया है क्योंकि हटाए गए सचिव श्यामसुंदर पटेल के स्थान पर जिस ग्राम रोजगार सहायक संदीप कुमार सिंह की स्थापना की गई है वह वर्ष 2017 में ही दिवंगत हो चुके हैं इस आदेश के जारी होने के बाद जैसे ही आदेश की कॉपी जनप्रतिनिधियों के हाथ में आई उन्होंने इसे घोर लापरवाही माना और जारी आदेश की कॉपी अपने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व राहुल गांधी तक को पहुंच कर दी जिले के सिहावल विधायक पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने बकायदा उक्त आदेश की कॉपी अपने कॉमेंट्स के साथ सोशल मीडिया पर वायरल की वहीं मध्यप्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी अपनी आईडी से उक्त आदेश की कॉपी को वायरल करते हुए इसे घोर लापरवाही बताया सोशल मीडिया पर नेताओं की प्रतिक्रिया आने के आने के बाद हड़बड़ाए अधिकारियों ने उक्त आदेश को बदल कर दूसरा आदेश जारी किया जारी आदेश में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राहुल धोटे द्वारा आदेश जारी कर मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजनांतर्गत स्वीकृत पत्र वितरण एवं ग्रामसभा आयोजन में लापरवाही बरतने के कारण तीन सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। जारी आदेशानुसार सचिव चितांग कौशल प्रसाद यादव, मुर्दाडीह बृजेन्द्र बहादुर सिंह तथा हटवा खास श्याम सुंदर पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। ग्राम पंचायत चितांग का सचिवीय प्रभार ग्राम रोजगार सहायक चितांग राघवेंद्र पटेल, मुर्दाडीह का ग्राम रोजगार सहायक मुर्दाडीह रमेश कोल तथा हटवा खास का सचिव के लिए जारी आदेश संदीप सिंह की जगह संलग्न जनपद पंचायत सिहावल राम शिरोमणि सिंह को सौंपा गया है।जिले में इस तरह का त्रुटिपूर्ण आदेश जारी होने के बाद अब जगह-जगह चर्चा होने लगी है कि जिम्मेदार लोगों को अब विभाग में काम करने वाले जिंदा और मुर्दा लोगों का भी पता नहीं है जिसकी वजह से इस तरह के आदेश जारी हो रहे हैं सामने आए इस लापरवाही पर यदि दोषी जिम्मेदार पर आला अधिकारी कार्यवाही नहीं करते तो यह आदेश उनके लिए और उनकी कार्य करने के तरीके पर सवाल खड़ा करता है इसलिए जरूरी है कि आला अधिकारी इस त्रुटि पूर्ण आदेश को जारी करवाने वाले जिम्मेदार विभागीय कर्मचारी पर कार्यवाही करें।
