सरकारी अस्पताल में कार्यरत दाईयों ने 8 सूत्रीय माँगों को लेकर तल्लीताल डाट पर प्रदर्शन किया


हिमानी रौतेला नैनीताल
सरकारी अस्पताल में कार्यरत दाईयों को अर्जित मासिक वृत्ति का लंबित भुगतान समयबद्ध करने समेत अन्य समस्याओं के निराकरण के संबंध में सरकारी अस्पताल दाई यूनियन द्वारा ऐक्टू के प्रदेश महामंत्री के के बोरा के नेतृत्व में तल्लीताल डाट पर प्रदर्शन किया गया। उसके बाद जुलूस की शक्ल में सीएमओ कार्यालय पहुंचे जहाँ प्रतिनिधिमंडल सीएमओ से मिला और उन्हें 8 सूत्रीय माँगों का ज्ञापन सौंपा ,
उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने दाईयों के समर्थन करते हुए कहा कि, “सरकारी अस्पतालों में काम कर रही दाई उपकेंद्र और अस्पताल को स्वच्छ रखने के काम से लेकर परिवार कल्याण, टीकाकरण, प्रसव में मदद, गाँव में स्वास्थ्य शिक्षा, हेल्थ कार्यक्रम में सहयोग तक सारे काम कर रही हैं परन्तु शर्मनाक बात है कि इतने सालों में भी सरकार न तो उनको घोषित न्यूनतम वेतन दे रही है और न ही अन्य कोई सुविधा,ऐक्टू महामंत्री के के बोरा ने कहा कि, “सरकार अस्पताल में काम कर रही दाईयों को राज्य सरकार 400 रुपये प्रतिमाह मानदेय दे रही है। यहां तक कि उत्तराखंड की राज्य सरकार अपने मुख्यमंत्री की घोषणा तक को अभी तक लागू नहीं कर पायी है। गौरतलब है कि 8 मार्च 2019 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने दायियों को एक हजार रुपए मासिक मानदेय देने की घोषणा की थी, लेकिन दो साल से अधिक बीत चुके हैं परंतु अभी तक राज्य सरकार की इस घोषणा के तहत किसी भी दाई को एक पैसा भी नहीं मिला है।”

दाई यूनियन की अध्यक्ष माया देवी ने कहा कि, “2007 में शासन द्वारा दाईयां हेतु संशोधित वृत्ति केवल चार सौ प्रतिमाह मानदेय पर ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षित प्रसव करवा रही हैं, लेकिन सरकारों ने 14 साल में एक भी रुपया नहीं बढ़ाया है। ज्ञातव्य हो कि अविभाजित उत्तप्रदेश में 1986 से ही चिकित्सा विभाग द्वारा दाइयों को सरकारी अस्पतालों में एनम के अधीन तैनाती दी गयी थी जो कि राज्य बनने के पश्चात भी जारी रही है।
मांगें–
1-दाइयों के निर्धारित 400 रु मानदेय को कई जगह दो वर्ष के समय से भुगतान नही किया गया है(सूची संलग्न है)अतः अविलम्ब जिले की समस्त दाइयों के मानदेय का भुगतान करने की कृपा करें।
2- दाईयों को न्यूनतम वेतन और नियमितीकरण का लाभ दिया जाय।
3- जब तक वेतन और नियमितीकरण नहीं होता तब तक दाईयों को सम्मानजनक मानदेय दिया जाय।
4- 8 मार्च 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार तब से लेकर अब तक का सभी दाईयों को 1000 रुपये प्रति माह की दर से एरियर का भुगतान किया जाय।
5- दाईयों को ईपीएफ और ईएसआई की सुविधा से जोड़ा जाए।
6- रिटायर होने वाली व रिटायर्ड हो चुकी दाइयों को 5000 रु प्रतिमाह की पेंशन दी जाए।
7- आंगनबाड़ी व भोजनमाताओं की तर्ज दाईयों को भी त्योहार बोनस दिया जाय।
8- दाईयों की सेवा के दौरान मृत्यु अथवा दुर्घटना के समय के लिए एक निश्चित राशि का प्रावधान किया जाय।
7- दाईयों की सेवानिवृत्ति या सेवा के समय मृत्यु होने पर रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए।
8- दाईयों को सभी सरकारी अस्पतालों में बिल्कुल मुफ्त इलाज की सुविधा मिले।
इस दौरान प्रदर्शन में शामिल सरकारी अस्पताल दाई यूनियन के के बोरा, कमला कुंजवाल, डॉ कैलाश पाण्डेय, माया देवी,ज्योति शर्मा, जानकी देवी, पदमा देवी, गोपुली देवी, बसंती देवी, हेमा पांडे, मुन्नी देवी, चम्पा, लछिमा, उमा, सावित्री, राधिका देवी, शांति कुलोरा, हंसी, हेमा मिश्रा, गंगा देवी आदि शामिल रहे।
