कोरोना के कारण बकरीद और रक्षाबंधन की खुशियां हुई फीकी

कृतिका सीधी:
भारत देश में विगत मार्च माह से आई कोरोना महामारी ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है और लोगों की खुशियों को छीनकर उन्हें घरों के अंदर कैद होकर रहने को मजबूर कर दिया है इतना ही नहीं इस महामारी ने लोगों को घर से बाहर निकलने पर भी मुंह छुपाकर निकलने के लिए मजबूर कर दिया है और अब जब हिंदू और मुसलमान भाइयों के त्यौहार आ गए हैं तो इस बीमारी की काली छाया उन पर भी पड़ी है जिसकी वजह से लोग खुलकर त्यौहार नहीं मना सकते ना तो एक दूसरे के घरों में आ जा सकते 3 फुट दूर रहकर ही एक दूसरे से लोग अपनी खुशी का इजहार कर सकते हैं इस बार 1 अगस्त को मुसलमान भाइयों को बकरीद का त्यौहार लॉकडाउन के साए में घर के अंदर मनेगा इस दौरान मुसलमान भाई अपने घरों के अंदर नमाज पढ़ेंगे और जिनकी क्षमता होगी वह बकरों की कुर्बानी भी करेंगे। इस बार मुसलमान भाई मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ सकेंगे और ना ही सार्वजनिक तौर पर कुर्बानियां कर सकेंगे वही 1 अगस्त के बाद हिंदुओं के भाई बहनों के पवित्र राखी के त्योहार की खुशी भी फीकी हो गई है क्योंकि राखी के त्यौहार की खरीदारी भी सीधी शहर में 2 दिन के लाक डाउन की वजह से प्रभावित हो गई है लोग अपने घरों में रहकर ही रक्षाबंधन का त्यौहार मनाएंगे बच्चे घर के बाहर उछल कूद नहीं मचा सकेंगे हालांकि शनिवार और रविवार के लाक डाउन के बाद सोमवार को लॉक डाउन की घोषणा नहीं हुई है ऐसे में लोग अपने घरों के बाहर तो रहेंगे लेकिन एहतियातन लोग रक्षाबंधन का त्यौहार अपने घरों के अंदर ही मनाएंगे कोरोना नाम किस महाबिमारी ने लोगों के त्योहारों पर भी पानी फेर दिया इतना ही नहीं दुकानदारों की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है और सीधी शहर के कपड़े मिठाई और राखी के व्यापारी इस कोरोना की वजह से भारी मंदी में चले गए हैं और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कुल मिलाकर कोरोना ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है लोग अब जल्द से जल्द इस महामारी से पीछा छुड़ाना चाहते हैं जिससे लोगों के वह पहले वाले दिन फिर से लौट आए खुशियों के पल फिर से लौट आए जो कोरोना नामक महामारी के आने के पहले हुआ करते थे।

एनटीवी इंडिया न्यूज़
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