चुरहट थानांतर्गतनगर परिषद चुरहट के वार्ड क्रमांक 08 में भैया लाल नामदेव का घर निसर्ग तूफान की चपेट में आ गया था। जिसमें घर की एक ओर की दीवार मध्य रात्रि में सड़क में जा गिरी थी।
ज्ञात हो कि पीड़ित भैयालाल नामदेव को आज 21 जून तक कोई भी प्रशासनिक सहायता नहीं मिली है। भैया लाल नामदेव लकवा जैसी घातक बीमारी के शिकार हो चुके हैं, घर के सभी सदस्यों के जीवन यापन की जिम्मेदारी उन्ही पर है परंतु कोई भी क्षेत्रीय नेताओं ने सहयोग करना अभी तक उचित नहीं समझा और न ही उनका दर्द समझने के लिए उनके पास जाने की पहल की।
चुनावी दौर में सभी पार्टियों के छोटे बड़े नेता घर घर में जाकर बड़े बड़े वादे करते हैं और अब जब सहायता की आवश्यकता है तो कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। जब उनके घर की दीवार गिरी थी तो मीडिया के माध्यम से प्रशासन तक अपनी बात पहुचाने का प्रयास किया था लेकिन सब निरर्थक रहा।
भैया लाल नामदेव की पत्नी ने बताया कि एक दिन पटवारी आकर देखे और चले गए उस दिन से न कोई देखने आया और न ही कोई प्रशासनिक सहायता मिली।
अब भैया लाल नामदेव का परिवार अब खुले घर में रहने को मजबूर हो गया है, आर्थिक तंगी के कारण ये अपना मकान ठीक करवाने में अक्षम है।