जिला प्रशासन ने गठित की टीम, किसानों को मिलेगी मुआवजा
【आर.बी. सिंह राज】
सीधी
टिड्डियों की दस्तक ने पूरे प्रदेश सहित पूरे सीधी जिले में हलचल मचा दी है। टिड्डी ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए काल जैसा साबित हो सकते है। यह अनुमान लगाकर जिला प्रशासन ने पूरे जिले में सतर्कता बढ़ा दी है। बताया गया है कि प्रदेश में टिड्डियों के चार दल सक्रिय हैं इसमें से एक दल सीधी जिले में कमर्जी थाना अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचा है। जिसको लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है, दवा के छिड़काव के लिए तैयारी कर ली गई है, किसानों को भी टिड्डियों से निपटने के उपाय बताए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने कसी कमर
टिड्डियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तरह कमर कस ली है। जहां चुरहट तथा कमर्जी क्षेत्रों में टिड्डियों को भगाने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस का दल लगा हुआ है तथा इनको भगाने के लिए तेज आवाज जैसे ट्रैक्टर, सायरन करना पड़ता है।
खुद के वजन से दोगुना भोजन करती हैं टिड्डियाँ
जानकारों की माने तो एक
टिड्डियों का वजन जितना होता है वो अपने से दोगुना वजन तक का आहार कर लेती हैं इसलिए करोड़ों की संख्या में मौजूद टिड्डियों जहां जाती हैं पूरी हरियाली को चट कर जाती हैं। इनकी प्रजनन दर भी बहुत अधिक होती है ये एक एक बार में 500 से अधिक अंडे देती हैं।
जिले में टिड्डी दल के आने के खतरे से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह कमर कसते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को समझाइश दी जा रही है ।किसानों को टिड्डी दल के आने पर तेज ध्वनि करने, पानी केमिकल का स्प्रे करने के लिए कहा गया है।
इनका कहना है
टिड्डियों को भगाने के लिए कलेक्टर सर द्वारा टीम गठित की गई है, जहां हम लोग जाकर भगाने का प्रयास कर रहे हैं।
हमारा अमला लगा हुआ है, उम्मीद है कि जल्द ही टिड्डियों को भगाने में सफलता मिलेगी। आम जनता से भी अपील है कि टिड्डियों से सतर्क रहें, अगर कहीं आस पास ये आ जाती हैं तो तेज आवाज करें जिससे वह भाग जाएं। जहां भी इन टिड्डियों के द्वारा फसलों का नुकसान होगा जिला प्रशासन द्वारा इसका मुआवजा दिया जाएगा।