बस मालिकों ने किये हाथ खड़े घाटे के सौदे में नहीं चलाएंगे बस


सीधी
जिले भर में बस के पहिये पहले की तरह अभी भी थमे हुए हैं हालांकि लाकडाउन के तीसरे चरण के बाद प्रदेश सरकार द्वारा आदेश जारी किया गया था कि 4 अप्रैल से जिले भर के उन स्थानों जहां का क्षेत्र ग्रीन एवं ऑरेंज जोन में है वहां पर 50 फीसदी बसों का संचालन किया जा सकता है।
इस आदेश के साथ ही ये भी नियम लागू कर दिया गया कि 50 फीसदी सीट से ज्यादा सवारी बसों में नहीं बैठाया जा सकता है। इस आदेश के बाद कई जिलों के बस आपरेटर्स ने विरोध करने के बाद बसें संचालित न करने का निर्णय लिया है।
बस एसोसिएशन ने जताई मजबूरी

इसी तारतम्य में सीधी जिले के बस एसोसिएशन ने भी निर्णय लिया है कि हम सरकार के इस निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं। घाटे की स्थिति में बसों का संचालन नहीं कराया जाएगा। बस मालिकों का कहना है कि वैसे भी डेढ़ महीने से बसें बंद होने के कारण हम लोगों की कमर टूट चुकी है। लगन के सीजन में कमाई का रास्ता भी अब बंद दिख रहा है। ऐसी स्थिति में लाकडाउन के तीसरे चरण में सरकार ने जो निर्णय लिया उसके तहत बसों में आधी सवारी भरने के कारण डीजल तक का खर्चा वहन करना मुश्किल हो जाएगा। यही वजह है कि आज दूसरे दिन भी निर्देश के बाद भी बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है।
जिले के कोने-कोने में फंसे लोगों की बढ़ी परेशानी
उधर बसों के बंद होने के कारण जिले भर के लोगों को बेहद समस्या भी उठानी पड़ रही है। लोगों का मानना था कि कम से कम आधी बसें भी चलेंगी तो अपना काम हो सकता था लेकिन बस मालिकों ने जिस तरह हाथ खड़ा कर दिया उसके बाद अब सरकार के भी हाथ-पांव फूलने लगे हैं।
अब देखना है कि बसों के संचालन बंद होने के बाद सरकार क्या निर्णय लेती है। हालांकि इस मामले में बस मालिकों सहित नेताओं की कुछ इस तरह प्रतिक्रिया रही।

फायदे की वजाय लोगों की करें भलाई : इन्द्रशरण
भाजपा के जिलाध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान ने कहा कि यह वक्त घाटा-फायदा का नहीं है बल्कि लोगों को सामाजिक रूप से भलाई करने को लेकर माना जाये। उन्होने कहा कि बड़े-बड़े उद्योग बंद हो गये हैं इसके बावजूद भी कई उद्योगपतियों ने प्रधानमंत्री कोष में राशि जमा कर देश भर के लोगों के लिए भलाई का काम किये हैं। आज सवाल हानि-लाभ का नहीं बल्कि लोगों की कितनी भलाई हो सके इसको लेकर है। मैं मानता हूं की बसों का संचालन नियम के तहत करना चाहिए। वे जरूर संयम बरते थे जो बधाई के पात्र हैं लेकिन थोड़ा और मदद करने में उनकी भूमिका होनी चाहिए।

सरकार को देनी चाहिए रकम: बाबा
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह बाबा ने कहा कि सरकार बस आपरेटर्स एसोसिएशन को बस चलाने के लिए बाध्य नहीं कर सकती है। ऐसे में सरकार ने जो निर्णय आधा सवारी को लेकर लिया है वह निश्चित रूप से बस मालिकों के लिए घाटा का सौदा है। इस स्थिति में सरकार को अलग से पैसा देने की जरूरत है। हमारी मांग है कि जनता के हित में सभी काम होने चाहिए। ऐसा निर्णय सरकार न ले कि लोगों को परेशानी का सामना करना पड़े।

डीजल तक का किराया नहीं मिल पाएगा : परिहार
परिहार बस के संचालक बच्छराज सिंह परिहार ने कहा कि कलेक्टर का जो आदेश दिया गया है अभी आरटीओ द्वारा हम लोगों को परमिट जारी नहीं किया गया है। उन्होने कहा कि जो नियम बनाया गया है उसके तहत डीजल तक का किराया वहन नहीं हो पाएगा। उस पर कर्मचारियों को अलग से खर्चा देना पड़ेगा, ऐसी स्थिति में बस चलाने का कोई औचित्य नहीं है जिस वजह से हम लोगों ने बस न चलाने का निर्णय लिया है।

सरकार का यह निर्णय उचित नहीं : मिश्रा
बस एसोसिएशन के महामंत्री जेएस मिश्रा ने कहा कि 50 सीटर बस में 25 यात्री बैठेंगे उस पर एक किलो मीटर के हिसाब से 25 रूपये प्रति सवारी होता है। कुल मिलाकर जो निर्णय सरकार ने लिया है उसके आधार पर बसों का खर्चा निकलना मुश्किल हो गया है। डीजल एवं अन्य खर्चों का भी वहन करना मुश्किल हैं जिस वजह से हम लोगों ने निर्णय लिया है कि सरकार के इस निर्णय से बसों का संचालन नहीं कराया जाएगा।
