छत्तीसगढ़ से यूपी के लिए 10 साइकिल पर निकले 20 सवार, सातवें दिन पहुंचे सीधी जिले के अमिलिया


सीधी
महामारी कोरोना वायरस को लेकर पूरे भारत में एक साथ लॉक डाउन की घोषणा होने के बाद सबसे ज्यादा अगर मार किसी पर पड़ी है तो वो हैं दिहाड़ी मजदूर। जो रोज कमाते थे और रोज खाते थे, जिसके लिए भारी संख्या में ऐसे लोग रोजी रोटी के लिए दूसरे प्रदेशों में भी रोजगार की तलाश में गए हुए थे। आज स्थिति ये है कि ना तो उनके पास खाने के लिए भोजन है और ना ही रहने के लिए कहीं दिखाना। मजबूर होकर वो हजारों किलोमीटर दूर से अपने वही पुराने गांव आने को मजबूर हैं। कोई पैदल तो कोई वाहन से तो कोई साइकिल से अपने घर द्वार पहुंचने को बेताब है। इस दृश्य की शायद कभी किसी ने कल्पना नहीं की होगी परंतु आज यही हकीकत है।
रायपुर से साइकिल पर पहुंचे 20 लोग

लॉक डॉन में भूखों मरने की कगार पर अपने जीवन को पाने वाले छत्तीसगढ़ के रायपुर से लगभग 20 व्यक्ति 10 साइकिल पर सवार होकर चल दिए जो अपने गृह ग्राम उत्तर प्रदेश जा रहे हैं इसी के दौरान वो कल मंगलवार को सातवें दिन सीधी जिले के अमिलिया गांव में पहुंचे।
अभी तो आधा सफर ही पूरा हुआ है
इन साइकिल सवारों ने बताया कि उन्हें उत्तर प्रदेश में अपने जिस गृह ग्राम में जाना है उसका अभी इनको 500 किलोमीटर और जाना शेष है। उन्होंने बताया कि अपने खाने की सामग्री थोड़ी बहुत लेकर साथ चल रहे हैं जहां मौका मिल जाता है कुछ बर्तन लिए हुए हैं और लकड़ी के सहारे भोजन बना खाकर आगे की ओर बढ़ जाते हैं। तो कहीं दयालु मिल जाते हैं जो इन्हें भोजन करा देते हैं। उन्होंने साफ तौर पर बताया कि सबसे ज्यादा अगर मदद किसी ने की तो वो है पुलिस विभाग। मिल जाने के बाद भोजन भी कराया और रुकने की व्यवस्था भी कराई। कहीं जगह तो इनकी जांच भी हुई है। फॉर्मेलिटी की तौर पर जो टेंपरेचर नापा जाता है।
अब इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि पूरे विश्व के साथ भारत की स्थिति क्या है ? इधर जो लोग अपने घर गांव या शहर में हैं वो बाज नहीं आते बाहर निकलने से, इनकी तो मजबूरी है।
