बाघ ने फिर बनाया आदमी को शिकार, संजय टाइगर रिजर्व परिक्षेत्र में 8 दिनों के अंदर दूसरी घटना


आर.बी.सिंह राज। सीधी
सीधी जिले में संजय टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट के विस्तार उपरांत जैसे-जैसे बाघों की संख्या इस रिजर्व एरिया में बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे बाघों द्वारा इंसानों पर हमले की घटनाएं भी अब बढ़ने लगी हैं।
पिछले 17 अप्रैल को घटी एक घटना में एक 9 वर्षीय बच्ची को बाघ ने जहां शिकार बनाया था वही 8 दिन के अंदर ही घटी दूसरी घटना में बाघ ने फिर एक व्यक्ति को अपना शिकार बना डाला।
एक गरीब परिवार जो मजदूरी तथा जंगलों से महुआ बिनकर घर परिवार का जीवन यापन चलता था उसे इस घटना का शिकार होना पड़ा।
ये पूरा मामला

संजय टाइगर रिजर्व परिक्षेत्र के व्यौहारी क्षेत्र में घटी इस घटना में कल शनिवार की सुबह 7 बजे के लगभग कोईलारी निवासी राम नरेश पटेल पिता धर्मदास पटेल जंगल में महुआ बिनने गया था जहां जंगल में छिपे बाघ ने उस पर अचानक हमला बोल दिया और उसे अपना शिकार बना लिया।
बाघ के इस भीषण जानलेवा हमले के उपरांत बाघ ने शिकार बनाए गए राम नरेश पटेल के शरीर के तकरीबन 30 से 40 प्रतिशत हिस्से का शिकार कर लिया जिसमें प्रमुख रूप से कमर के नीचे का हिस्सा रहा।
मौके पर पहुंचे आला अधिकारी
घटना की खबर लगते ही संयुक्त संचालक एवं क्षेत्र संचालक अपनी टीम के साथ तथा क्षेत्रीय विधायक व्यौहारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की जानकारी लगते ही ग्रामीण भी काफी संख्या में इकट्ठे हो गए थे जहां आला अधिकारियों के आपसी चर्चा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए व्यौहारी भेज दिया गया है।
बाघ को पिंजरे में बंद करने की कवायद शुरू
ग्रामीणों के ऊपर हमला कर मौत के घाट उतारने वाले बाघ को पिंजरे में बंद करने के लिए हाथी और टाइगर रिजर्व का दल बल मौके पर पहुंच कर बाघ की पहचान कर रेस्क्यू शुरू कर दिया गया है। शासन द्वारा निश्चित की गई अनुदान राशि तत्काल अग्रिम कार्रवाई कर परिक्षेत्राधिकारी को मृतक के पत्नी को भुगतान करने के आदेश दिये गये हैं।
