आदिवासी के शरीर पर पुलिस की बर्बरता और बेरहमी के निशान

सीधी – मानवता को शर्मसार करने वाली खबर सीधी जिले के अमलिया थाने से आई है जहां पर एक मामूली शिकायत पर अमलिया थाना की पुलिस ने फरियादी कन्हैया लाल बर्मा पिता लाला कोल निवासी ग्राम कोदौरा के साथ मारपीट करते हुए बर्बरता और बेरहमी की सभी सीमाएं तोड़ दी। फरियादी के शरीर के पिछबाड़े पाईप से की गई पुलिस की पिटाई के निशान उसके ऊपर की गई बर्बरता और बेरहमी की चीख चीख कर गवाही दे रहे हैं। अमिलिया पुलिस द्वारा किए गए जुल्म की फरियाद लेकर फरियादी कन्हैया लाल बर्मा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा जहां उसने अपना आवेदन देकर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है इतना ही नहीं अपनी फरियाद लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय आए फरियादी ने अपना बयान भी वीडियो के माध्यम से मीडिया को जारी किया है जिसमें उसने अपने साथ की गई बर्बरता की कहानी का बयान किया है। फरियादी की शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक ने भी आरोपी की जांच कर कर कार्रवाई की बात कही है कार्यवाही में जांच प्रभावित न हो इसके लिए उन्होंने फरियादी द्वारा बताए गए आरोपी पुलिस अधिकारी ऋषि द्विवेदी को अमिलिया थाने से वापस बुला लिया है लेकिन इस कार्रवाई से पीड़ित उसके परिजन समर्थक और हित चिंतक संतुष्ट नहीं है और वह और अधिक कड़ी कार्यवाही की मांग कर रहे हैं ऐसा न करने पर उन्होंने आगे आंदोलन प्रदर्शन करने की भी बात कही है वही अमलिया क्षेत्र के आदिवासी फरियादी के साथ पुलिस द्वारा की गई बेरहमी से मारपीट पर मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने भी आज के अखबारों में प्रकाशित खबरों के साथ इस घटना में प्रदेश के मुख्यमंत्री से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है उन्होंने भी कार्यवाही न करने की सूरत में आंदोलन करने की बात कही है उन्होंने अपनी बातें सोशल मीडिया पर पोस्ट की है अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में इस घटना में फरियादी को न्याय मिलता है या घटनाक्रम राजनीतिक रूप ले लेगा जिससे फरियादी सिर्फ मोहरा बन के रह जाएगा।
