ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित समस्त पेयजल स्त्रोतों में क्लोरिनेशन का किया जा रहा है कार्य

सीधी धर्मेंद : कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी के निर्देशानुसार कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित समस्त पेयजल स्त्रोतों में क्लोरिनेशन कार्य किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण जनों को पेयजल स्त्रोतों के आस पास सफाई रखने हेतु समझाइश दी जा रही है। कार्यपालन यंत्री त्रिलोक सिंह वरकड़े ने बताया कि बारिश में दूषित पेयजल एवं दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से कई बीमारियां होती हैं इससे बचाव हेतु विभाग में प्रकोष्ठ के गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि पेयजल परीक्षण हेतु जिले में जिला प्रयोगशाला एव उपखण्ड चुरहट एवं मझौली में उपखण्ड प्रयोगशाला स्थापित है जहाँ सतत रूप से पेयजल परीक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर पंचायत एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में फील्ड टेस्ट किट प्रदान की गई हैं जिससे ग्राम स्तर पर प्रशिक्षित लोगों द्वारा सरल तरीके से पेयजल परीक्षण किया जाता है। बैक्टीरिया की जाँच हेतु ग्राम स्तर पर एच2एस वॉयल दी गई हैं जिससे पेयजल में बैक्टीरिया की जाँच की जाती है। विभाग द्वारा सतत रूप से पेयजल स्त्रोतों के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में निरंतर जाँच की जा रही है एवं जरमैक्स दवाई डाली जा रही है।
