संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र बूढी खोह मे मादा टाइगर ने अधेड व्यक्ति ब्रम्हा सिह का किया शिकार

सीधी धर्मेंद : सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र के संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आज उसे समय दहशत फल गई जब लोगों को मादा टाइगर के द्वारा बेरहमी से शिकार किए गए एक व्यक्ति की छत वृक्षत लाश मिली। मिली जानकारी के अनुसारसीधी जिले के संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र मोहन रेंज अंतर्गत चोकरी गांव के बूढी खोह मे मादा टाइगर ने अधेड व्यक्ति ब्रम्हा सिहं पिता मल्लू सिहं उम्र 58 साल के ऊपर अचानक हमला कर बुजुर्ग व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया। बताया गया की मृतक ब्रम्हा सिंह कुसमी बैंक से पैसा निकाले एवं आवश्यक वस्तुएं खरीद कर अपने गांव चोकरी जा रहे थे तभी अचानक घर से आधा किलोमीटर पहले ही बूढी खोह में मादा टाइगर घात लगाकर बैठी हुई थी शाम करीब 7:00 बजे के आसपास ब्रम्हा सिहं जैसे ही बूढी खोह मे पहुंचे अचानक मादा टाइगर ने उनके ऊपर हमला कर दिया और उनके शरीर का पूरा मांस और कई अंग नोच कर खाने के बाद ब्रम्हा सिहं के छत्र विछत्र शव को छोड़ कर चली गई। घटना के दूसरे दिन गांव वाले वन हमले और पुलिस को इस मामले की जानकारी मिली जिसके बाद पूरे अम्ल और पुलिस विभाग ने मौके पर पहुंचकर ब्रह्म सिंह के छत्र वृछत्त लाश को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम कराया है घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर गांव के लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई थी ब्रह्मदेव सिंह के साथ घटी इस घटना के संबंध में मीडिया को कुसमी थाने के थाना प्रभारी भूपेश बैंस ने जानकारी दी और कहा की वन विभाग के लोगों ने मृतक के शव के आसपास टाइगर के पंजों की निशान पाए जाने की पुष्टि की है फिलहाल पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। वही इस मामले को लेकर क्षेत्र के विधायक कुवर सिंह टेकाम ने इस घटना पर दुख जताया है और मृतक के परिजनों के लिए ज्यादा से ज्यादा आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराए जाने की बात कही है विधायक ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन से संपर्क करके आदमखोर मादा टाइगर को अन्यत्र शिफ्ट किए जाने की मांग की है। ग्रामीण क्षेत्र के नजदीक मादा टाइगर के इस हमले में हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद आसपास के कई गांव में दहशत व्याप्त हो गई है ऐसे में यदि संबंधित विभाग आदमखोर मादा टाइगर पर ट्रेकिंग के माध्यम से उसकी लोकेशन लगातार ट्रेस नहीं करता तो आने वाले दिनों में ऐसी और भी कई घटनाएं हो सकती है इसलिए विभाग को इस मामले पर गंभीरता से कार्यवाही करनी होगी जिससे अब दोबारा इस तरह कोई भी मानव उक्त आदमखोर शेरनी का शिकार ना बने।
