जल संरक्षण और संवर्धन हमारी प्राचीन परंपरा है – कहा मुख्यमंत्री ने

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सीधी धर्मेंद : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में 5 जून से जल संवर्धन और संरक्षण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। कई जिलों में बहुत अच्छा कार्य हो रहा है। जल संरक्षण और संवर्धन हमारी प्राचीन परंपरा है। वृक्षों और जल स्रोतों में भी हम देवताओं का वास मानते हैं। नदियों की देवियों की तरह पूजा की जाती है। पूरे प्रदेश में लाखों तालाब, प्राचीन बावड़ी, कुएं तथा अन्य जल संरचनाएं हमारी जल संरक्षण की परंपरा के गवाह हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान में इनका जीर्णोद्धार करके नया स्वरूप दें जिससे वर्षाकाल में अधिक से अधिक जल का संग्रहण हो सके। अच्छी वर्षा होने के बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वृक्षारोपण का अभियान चलाएं। रोपित पौधों की सुरक्षा और देखभाल का भी पूरा प्रबंध करें। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नदियों के उद्गम स्थलों की साफ-सफाई तथा विकास का कार्य कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसदगण तथा विधायकगण मिलकर जिले और विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए पाँच साल का रोडमैप बनाएं। इसमें विकास के लिए आवश्यक कार्यों को शामिल कराएं। इस रोडमैप के अनुसार विकास के कार्य किए जाएंगे। इनकी नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में कलेक्ट्रेट के एनआईसी केन्द्र से विधायक सीधी रीती पाठक, कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी, पुलिस अधीक्षक डाॅ. रविन्द्र वर्मा, वनमण्डलाधिकारी क्षितिज कुमार, अपर कलेक्टर राजेश शाही, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविन्द श्रीवास्तव, उपखण्ड अधिकारी सिहावल प्रशांत त्रिपाठी, कुसमी एस.पी. मिश्रा, मझौली आर.पी. त्रिपाठी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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