राजस्व महाअभियान में 6 माह से अधिक के सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें कहा कलेक्टर ने

सीधी धर्मेंद : कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर साकेत मालवीय द्वारा राजस्व महाअभियान की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि संबंधित एसडीएम राजस्व महाअभियान की पटवारी हल्कावार नियमित समीक्षा करें। नक्शा तरमीम और खसरे में सुधार के प्रकरणों के निराकरण के लिए पटवारियों की ड्यूटी लगाएं। अब तक जितने प्रकरण निराकृत हुए हैं उन सभी को आरसीएमएस पोर्टल में अनिवार्य रूप से दर्ज करें। अभियान के दौरान 6 माह से एक साल की अवधि के सभी राजस्व प्रकरण अनिवार्य रूप से निराकृत करें। इसके लिए सभी राजस्व अधिकारी नियमित रूप से राजस्व न्यायालय में प्रकरणों की सुनवाई करें। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व महाअभियान में परिमार्जन से संबंधित सभी प्रकरणों का अनिवार्य रूप से निराकरण करें। अविवादित बंटवारा तथा अविवादित नामांतरण के सभी प्रकरण निराकृत करें। दर्ज प्रकरणों की तुलना में अधिक निराकरण करने पर ही प्रगति दिखाई देगी। कलेक्टर ने राजस्व निरीक्षकों को लक्ष्यानुसार सीमांकन करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने किसानों की समग्र आईडी और आधार से ई-केवायसी सुनिश्चित करने के लिए किसानों का जागरूक करने तथा इसकी उपयोगिता के बारे में बताने के निर्देश दिए हैं। अभियान के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों के निरंतर रूप से नमूने लिए जाएं तथा उनकी जाँच कराएं और मिलावट करने वालों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही करें। कलेक्टर ने कहा कि यह अति महत्वपूर्ण अभियान है। जो आमजनों के स्वास्थ्य से भी जुड़ा है। दूध तथा दूध से बने विभिन्न पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी के साथ-साथ खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने की कार्यवाही की जाए। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रतिदिवस निर्धारित संख्या में लीगल एवं सर्विलांस नमूने लेकर जाँच कराएं और मिलावट करने वालों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही कराएं। कलेक्टर द्वारा सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण की समीक्षा बैठक में निर्देशित किया गया कि नागरिकों की समस्याओं का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, कलेक्टर ने अनुकंपा नियुक्ति तथा पेंशन प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ समय -सीमा में कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है। न्यायालयों में लंबित मामलों में जवाब दावे निर्धारित समय-सीमा में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
