शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के जगह जगह सजने लगे दरबार

सीधी धर्मेंद : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कहा जाता है कि देवी दुर्गा ने आश्विन के महीने में महिषासुर पर आक्रमण कर उससे नौ दिनों तक युद्ध किया और दसवें दिन उसका वध किया. इसलिए इन नौ दिनों को शक्ति की आराधना के लिए समर्पित कर दिया गया. आश्विन मास में शरद ऋतु का प्रारंभ हो जाता है, इसलिए इसे शारदीय नवरात्रि कहा जाता है. मान्यता है कि चैत्र नवरात्रि की साधना आपको मानसिक रूप से मजबूत बनाती है और आध्यात्मिक इच्छाओं की पूर्ति करने वाली है. वहीं शारदीय नवरात्रि सांसारिक इच्छाओं को पूरा करने वाली मानी जाती है।15 अक्टूबर से सीधी जिले के साथ सीधी शहर में भी शारदीय नवरात्रि पर्व के तहत मां दुर्गा के भक्तों ने मां दुर्गा के अनेक रूपों की अनेक प्रतिमाएं गांव गली शहर मोहल्ले में स्थापित की है और अब उनकी सेवा में लग गए हैं 15 अगस्त को भक्तों ने माता के पंडाल को सुंदर तरीके से सजाकर माता की प्रतिमा की स्थापना करके विधि विधान से उनकी पूजा अर्चना की 15 अक्टूबर को माता की प्रतिमा की स्थापना के लिए भक्ति देर रात तक मूर्तिकारों के यहां से प्रतिमा लेकर जाते हुए माता की जयकार करते नजर आए। सीधी शहर के गांधी चौक में मां दुर्गा के भक्तों ने माता काली और माता दुर्गा की बड़ी और भव्य प्रतिमाएं स्थापित की है प्रतिमा स्थापित करने के पूर्व भक्तों ने विधि विधान से माता की पूजा अर्चना की अब भक्त लगातार 9 दिनों तक माता की सेवा करेंगे।
