मूसामूड़ी में 26वें दिन भूमि अधिग्रहण प्रभावित किसान बैठे भूख हड़ताल पर

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सीधी धर्मेंद : टोंको-रोंको-ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के अगुआई में मझौली उपखंड के ग्राम मूसामूड़ी में आदिवासी किसानों द्वारा 18 सितम्बर से की जा रही भूख हड़ताल का समर्थन भारतीय मार्क्सवादी-लेनिन वादी पार्टी (रेड फ्लैग) के राज्य सचिव का. बद्री मिश्रा ने किया है। किसानों से भूमि लूट के सिलसिले पर बद्री मिश्रा ने कहा कि सीधी सिंगरौली जब एक जिला होता था तभी से 1950 में आदिवासी किसानों की भूमि की लूट शुरू हो गई थी और रिहंद बांध के लिए चार सौ आदिवासी ग्रामों की जल समाधि देकर उनका नामो निशान मिटा दिया गया था। इसके बाद तथाकथित विकास के नाम पर सीधी सिंगरौली जिले के सैकड़ो गांव का नामोनिशान मिटाया जा चुका है। धोखाधड़ी एवं जवरिया जमीन लूट के बाद 90% विस्थापित मानव जीवन के मौलिक साधनों को मोहताज होकर दर-दर की ठोकरें खाते हुए अपने जीवन को समाप्त कर दिए हैं या ठोकरे खाने को मजबूर हैं। पूरे देश में किसानों खासकर आदिवासियों  की भूमियों को लूटने का संसद से लेकर सरकार तक का षड्यंत्र चल रहा है। ऐसी विषम परिस्थिति में आप मूसामूड़ी और भुमका के आदिवासी किसान अपनी जमीन बचाने की जंग जारी किए हुए है हम आपके संघर्ष का क्रांतिकारी अभिवादन करते है तथ मैं व मेरी पूरी पार्टी आपके संघर्ष में आपके साथ खड़ी है दिनांक 13 अक्टूबर 2023 को भूख हड़ताल के 26वें दिन अधिग्रहण प्रभावित किसान महावीर सिंह गोड़ के द्वारा रंगदेव सिंह गोंड़ और हरिश्चन्द्र केवट को अधिग्रहित भूमि की मिट्टी कि तिलक लगाकर अनशन पर बैठाया गया।

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