कलेक्टर से अध्यक्ष और पार्षदो ने कहा एक दल विशेष के लिए कार्य करते हैं चुरहट नगर परिषद अधिकारी आनंद मिश्रा

सीधी धर्मेंद : 6 अक्टूबर को नगर परिषद चुरहट की अध्यक्ष श्रीमती मोनिका गुप्ता और उनके साथ पार्षद श्रीमती लीलावती केवट श्रीमती राजकुमारी कोल श्रीमती कल्पना प्रजापति श्री उमेश गुप्ता सहित अन्य कई गणमान्य लोगों ने जिले के कलेक्टर साकेत मालवीय से मुलाकात कर उन्हें नगर परिषद चुरहट के मुख्य नगर पालिका अधिकारी के विरुद्ध शिकायती आवेदन देकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं जिले के कलेक्टर को दिए गए शिकायती आवेदन में कहा गया है कि नगर परिषद चुरहट जिला सीधी अंतर्गत गठित की गई प्रेसिडेंट काउंसिल की बैठक में पारित निर्णय को बिना किसी संवैधानिक एवं नियम विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी चुरहट द्वारा उसे निरस्त कर समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया है जिससे उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक एवं वैधानिक कार्यवाही की जाए जिले के कलेक्टर को सौंप गए शिकायती आवेदन में परिषद द्वारा पारित निर्णय की बिंदुवार जानकारी दी गई है नगर परिषद चुरहट की अध्यक्ष मोनिका गुप्ता ने जिले के कलेक्टर को बताया कि चुरहट नगर परिषद के सीएमओ साहब एक तरफा शासन करना चाहते हैं दिए गए आवेदन में नगर परिषद अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि नगर परिषद अधिकारी आनंद मिश्रा को पूर्णता राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और एक दल विशेष के लिए वह कार्य करते हैं नगर परिषद अध्यक्ष चुरहट मोनिका गुप्ता ने प्रेसिडेंट इन काउंसिल की बैठक में किए गए अनुमोदन एवं निर्णय को यथावत रखते हुए सीएमओ आनंद मिश्रा के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही किए जाने की मांग की है। जिले के कलेक्टर को अपना शिकायती आवेदन देने के बाद नगर परिषद अध्यक्ष चुरहट श्रीमती मोनिका गुप्ता और उनके पार्षदों ने जिले की इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया को अपनी समस्या और जिले के कलेक्टर को सौंप गए शिकायती आवेदन की जानकारी दी इस दौरान मोनिका गुप्ता ने नगर परिषद चुरहट के सीएमओ पर खुला आरोप लगाया कि वह दल विशेष के लिए कार्य करते हैं और वह अब उनके खिलाफ निर्वाचन आयोग से शिकायत करेगी उन्होंने यह भी बताया कि हमने नगर परिषद के सीएमओ के खिलाफ जो भी शिकायत की है कलेक्टर ने उनके खिलाफ कमेटी गठित करके जांच कराने की बात कही है। पत्रकारों को अपनी प्रतिक्रिया देने के दौरान कुछ महिला पार्षदों ने सीएमओ आनंद मिश्रा पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए और कहा की हमारी शिकायत पर कलेक्टर ने इसकी भी जांच करवाने की बात कही है। नगर परिषद चुरहट के निर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदों ने जनता के हित में सार्वजनिक कार्यों का अनुमोदन कर उन्हें पारित किया था लेकिन नगर परिषद चुरहट के सीएमओ आनंद मिश्रा ने उसे निरस्त कर सार्वजनिक करके एक अलग तरह की प्रशासनिक कार्य प्रणाली दिखाने की कोशिश की है क्या प्रशासनिक कार्य प्रणाली नगर परिषद के सीएमओ को यह अधिकार देती है कि वह जनता की चुनी हुई परिषद के अध्यक्ष और पार्षदों के सार्वजनिक हित के पारित निर्णय को निरस्त कर अखबारों में सार्वजनिक करें इसके पीछे उनकी क्या मनसा थी इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
