भागवत कथा मनोरंजन नहीं है यह मनोमंथन है कहा कथा वाचक देवी चित्रलेखा जी ने

सीधी धर्मेंद : सिहावल विधानसभा के ग्राम सुपेला में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन प्रख्यात कथा वाचक देवी चित्रलेखा जी द्वारा अपने उद्बोधन में श्रीमद् भागवत महात्म्य के विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा मनोरंजन नहीं है यह मनोमंथन है ,मन के मंथन का स्वरूप ही हरि कथा है। इस कलयुग में मनुष्य अपने भावों को सत्संग के जरिए ही स्थिर रख सकता है। सत्संग के बिना विवेक उत्पन्न नहीं हो सकता और बिना सौभाग्य के सत्संग सुलभ नहीं हो सकता । देवी चित्रलेखा जी ने भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि मृत्यु को जानने से मृत्यु का भय मन से मिट जाता है, जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया, वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है। देवी चित्रलेखा जी ने कहा वेदों का सार है भागवत । मनुष्य के जीवन की उपलब्धि प्रभु कृपा से धनवान, बलवान, शक्तिमान बनने की हो सकती है किंतु कथा सुनने का मन बना ले तो भगवान की अति कृपा होती है। उन्होंने आगे कहा कि मनुष्य जीवन में दुनिया के सभी रस का पान जीभ से किया जाता है किंतु हरि कथा का रसपान कान के द्वारा किया जाता है।कान से ही मन व चित में शक्ति प्राप्त होती है और जीवन ऊर्जावान बनता है। कथा के दौरान क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल का सोमवार को जन्मदिन होने से व्यासपीठ से देवी चित्रलेखा जी ने उन्हें आशीष एवं शुभकामनाएं प्रदान की। इस पर विधायक जी ने उन्हें नमन कर उनके प्रति आभार एवं कृतज्ञता ज्ञापित की। आज हरि कथा में प्रमुख रूप से पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अरुण यादव,राज्यसभा सदस्य श्री राजमणि पटेल, श्री चिंतामणि तिवारी श्री अंबिकेश पांडे श्री परमजीत पांडे श्री शारदा सिंह गुड्डू ,श्रीमती श्याम वती सिंह ,श्रीमती काजल वर्मा, श्री विनोद वर्मा श्री मनोज सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
