विद्युत विभाग के कर्मचारीयो की हड़ताल अवैध कहा अधीक्षण यंत्री एस पी तिवारी ने

सीधी धर्मेंद : विगत लंबे समय से मध्यप्रदेश में अपनी 5 सूत्री मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे विद्युत विभाग के कर्मचारी संगठन विगत 21 जनवरी से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करके धरना प्रदर्शन शुरू कर रहे है सीधी शहर के अधीक्षण यंत्री कार्यालय परिसर में अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे विद्युत विभाग के 48 संगठनों ने 25 दिसंबर को अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। नारेबाजी के बाद अपनी 5 सूत्री मांगों को लेकर संघर्ष पर उतर आए विद्युत विभाग हड़ताली संगठनों के पदाधिकारियों ने एमटीवी इंडिया न्यूज़ को अपनी मांगों की जानकारी देते हुए कहा कि यह सरकार हम लोगों से तरह-तरह के झूठे वादे करके हमारा शोषण कर रही है हमें हमारा अधिकार नहीं दे रही है आगे उन्होंने कहा कि अब सरकार जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं करेगी हम अपनी मांगो से पीछे हटने वाले नहीं है। अपनी 5 सूत्री मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे विद्युत विभाग के कर्मचारी संगठनो की मांगो को लेकर एन टीवी इंडिया न्यूज़ ने विद्युत विभाग के अधीक्षण यंत्री एस पी तिवारी से उनकी प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कहा कि आउट सोर्स और संविदा कर्मचारियों को इस तरह की हड़ताल करने और शामिल होने की इजाजत नहीं है आगे उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग की सेवाएं अति आवश्यक सेवाओं में आती है इसलिए इनकी यह हड़ताल अवैध है आगे उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर भी अभी इनकी मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है एन टीवी इंडिया न्यूज़ के पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए अधीक्षण यंत्री एसपी तिवारी ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इनकी हड़ताल पर एस्मा भी लगाया जा सकता है।
