स्टेशनरी की दुकान से महज 600 रूपए में मिल गया पटवारी का प्रतिवेदन तहसीलदार ने पकड़ा

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सीधी धर्मेंद : आपको किसी सरकारी प्रमाण पत्र जमीन अथवा मकान के हक संबंधी मामलों के लिए पटवारी के प्रतिवेदन की आवश्यकता होती है जिसे आसानी से पाना आम आदमी के बस की बात नहीं है बहुत से आवेदकों की पटवारी का प्रतिवेदन प्राप्त करने के लिए महीनों चक्कर लगाने पड़ते हैं तब जाकर कहीं उनका उद्धार होता है लेकिन इन सब कठिनाइयों से लाभ उठाते हुए जिला कलेक्ट्रेट के नाक के नीचे कुछ बिचौलियों ने स्टेशनरी की दुकान से महज 600 रूपए में पटवारी का प्रतिवेदन देने का चोरी छुपे व्यापार ही शुरु कर दिया बिचौलिए जन्म जात सहित अन्य कई तरह के प्रमाणपत्रों के लिए 600 रूपए में परेशान आवेदकों से पटवारी के प्रतिवेदन देने का ठेका ले लेते थे और बकायदा प्रतिवेदन बनाकर वह आवेदकों को दे भी देते थे जो शासकीय अभिलेखों में लगकर लोक सेवा के माध्यम से तहसीलदार की टेबल तक पहुंच जाते थे ऐसा ही एक मामला गोपाद बनास तहसील में सामने आया जब तहसीलदार सौरव मिश्रा के सामने नेबुहा ग्राम की एक महिला सुनीता के जात प्रमाण पत्र संबंधी कागजात में पटवारी का फर्जी प्रतिवेदन पाया गया पटवारी का फर्जी प्रतिवेदन दिखते ही तहसीलदार सौरभ मिश्रा ने आवेदक को सूचित कर तहसील में बुलवाया और सारे मामले की असलियत समझी इसके बाद आवेदक ने तहसीलदार को साथ में ले जाकर कलेक्ट्रेट के पास स्थित एक स्टेशनरी की दुकान में बताया कि यहीं पर उसे 600 रूपए देकर पटवारी का प्रतिवेदन प्राप्त हो गया था जिसके बाद तहसील ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उक्त दुकानदार को जमकर फटकार लगाई मौके पर दुकानदार ने तहसीलदार को बताया कि यह काम उसने नहीं बल्कि एक व्यक्ति जो यहां लगातार घूमता रहता है उसके द्वारा किया गया है इस दौरान पटवारी का फर्जी आवेदन पत्र बनवाने वाली महिला ने एन टीवी इंडिया न्यूज़ को पूरे मामले की जानकारी दी और कहा कि मुझे यह नहीं मालूम कि वह पटवारी का फर्जी प्रतिवेदन देता था यह असली उसने मुझसे पैसे मांगे मैंने दे दिए और उसने मुझे पटवारी का प्रतिवेदन दे दिया। पटवारी का फर्जी प्रतिवेदन मिलने की घटना से पूरे सरकारी महकमे में सनसनी फैल गई है आनन-फानन में लोक सेवा गारंटी केंद्र को भी इस तरह के प्रकरणों पर कड़ी नजर रखने के तहसीलदार ने निर्देश दिए इस मामले के संबंध में एन टीवी इंडिया न्यूज़ ने तहसीलदार सौरव मिश्रा से जानकारी चाही तो उन्होंने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस तरह का कृत्य करने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करवाने की कार्यवाही की जा रही है। सीधी शहर के कलेक्ट्रेट के नाक के नीचे पटवारियों के फर्जी प्रतिवेदन रुपए देकर प्राप्त करने की इस खबर से तनाका खींच गया है लोगों को चिंता सताने लगी है कि कोई भी व्यक्ति उनके जमीन मकान सहित अन्य प्रमाण पत्र इस तरह के फर्जी प्रतिवेदन लगाकर उनका नुकसान कर सकता है अब देखना यह है कि जिले का प्रशासन इस तरह के फर्जी प्रतिवेदन उसे बचने के लिए क्या-क्या सुरक्षात्मक तरीके इस्तेमाल करता है जिससे किसी बेकसूर की कोई हानि ना हो जाए।

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