सीधी शहर के गुरुद्वारे में हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाई गई गुरु नानक देव जी की जयंती

सीधी धर्मेंद : सिक्खो के गुरु श्री गुरु नानक देव जी का जन्म उस समय में हुआ था जब दुनिया धर्मए जाति और वर्णों के आधार पर बहुत बंटी हुई थी कबीर दास जी की भांति ही गुरु नानक देव जी भी धर्मए जाति और वर्णों के आधार पर भेदभाव के विरुद्ध थे द्यश्री गुरु नानक देव जी ने काशीए अयोध्याए कुरुक्षेत्रए श्री लंकाए सिक्किमए बग़दादए मक्का मदीना और कंधार तक की यात्राएं की अपनी यात्राओं में उन्होने लोगों को एक ईश्वर को माननेए मेहनत हक़ हलाल की कमाई करने जैसे संदेश दिए उन्होने लोगों को बताया कि भगवानए रब्बए अल्लाह हमारे अंदर है उसे बाहर ढूंढ़ने की बजाए अंदर ही उसकी खोज करनी चाहिए। 8 नवंबर को सीधी शहर के गुरुद्वारे में गुरु नानक देव जी की जयंती हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाई गई गुरुद्वारे में सुबह से ही बाहर से आई भजन मंडली द्वारा शब्दवाणी के माध्यम से गुरु महिमा का गायन किया गया गुरु नानक देव जी की जयंती के मौके पर कई सैकड़ों लोगों ने गुरुद्वारे में पहुंचकर गुरु ग्रंथ साहिब पर माथा टेका जिनमें से सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला जिला बीजेपी अध्यक्ष इंद्र शरण सिंह चौहान नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल वर्मा पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष देवेंद्र सिंह युवक कांग्रेस सीधी के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह दादू समाजसेवी चंद्र मोहन गुप्ता प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता नगर पालिका के वरिष्ठ पार्षद विनोद मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे शब्द कीर्तन के बाद गुरुद्वारे में पाठ साहिब और भोग साहिब के साथ आरती की प्रक्रिया संपन्न कराई गई आरती के बाद मौजूद भक्तों ने गुरु ग्रंथ साहब पर चादर चढ़ाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की गुरु नानक जयंती के मौके पर गुरुद्वारे में पहुंचे अतिथियों का आयोजकों ने स्वागत सम्मान किया गुरुद्वारे में विशाल लंगर का आयोजन किया गया था जिसमें हजारों भक्तों ने लंगर का प्रसाद खाया।
